बीते कुछ दिनों से दिल्ली के कुछ इलाकों में जारी हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है. सांप्रदायिक हिंसा के इस दौर में कुछ कहानियां ऐसी हैं जो बताती हैं कि दुनिया में अब भी इंसानियत बाकी है. बात हो रही है एक ऐसे शख़्स कि जिसने अपनी जान पर खेलकर कर मुस्लिम परिवार के 6 लोगों को बचाया है.

दिल्ली के उत्तर पूर्वी इलाके में सांप्रदायिक दंगे हो रहे हैं. इनमें अभी तक 27 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस माहौल में भी सौहार्द कायम करने में जुटे हैं. इन्हीं में से एक हैं प्रेमकांत बघेल, जो दिल्ली के शिव विहार इलाके में रहते हैं.

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इस इलाके में भी सीएए समर्थक और इसके विरोधियों के बीच हिंसा जारी है. यहां पर कुछ दंगाइयों ने मुस्लिम परिवारों के घर पर पेट्रोल बम फेंक कर उन्हें आग के हवाले कर दिया. इन्हीं में से एक घर प्रेमकांत बघेल के पड़ोसी का भी था. मुश्किल की इस घड़ी में प्रेमकांत ने अपनी जान पर खेलकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. इस परिवार की एक बुज़ुर्ग महिला को बचाते वक़्त वो भी आग की चपेट में आए गए.

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प्रेमकांत के भाई सुमित ने बताया कि- 'इस परिवार को बचाते समय मेरा भाई बुरी तरह झुलस गया. हमने एंबुलेंस को कॉल किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची. आस-पास के लोगों ने भी उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए गाड़ी नहीं दी. वो रातभर घर में दर्द के मारे कराहते रहे. सुबह उन्हें जीटीबी अस्पताल में एडमिट किया गया. '

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उन्होंने बताया कि प्रेमकांत का 70 फ़ीसदी शरीर जल चुका है. डॉक्टर्स का कहना है कि उनकी हालत नाज़ुक है. उनके भाई ने बताया कि भले ही प्रेमकांत अस्पताल में मौत से लड़ रहे हों, लेकिन उन्हें इस बात की ख़ुशी है कि वो अपने पड़ोसी और उनकी मां की जान बचा पाए.

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