'किसान आंदोलन' के दौरान दिल्ली के 'सिंघु बॉर्डर' से गिरफ़्तार किए गए स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को दिल्ली रोहिणी कोर्ट ने जमानत दे दी है. मनदीप को कोर्ट ने 25 हज़ार के निजी मुचलके पर ज़मानत दी है.

Source: ndtv

बता दें कि 'किसान आंदोलन' को कवर कर रहे स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया को दिल्ली पुलिस ने 31 जनवरी को गिरफ़्तार किया था. इस दौरान उन्हें म्यूनिसिपल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जिसके बाद मनदीप को तिहाड़ जेल भेज दिया गया. मनदीप के ख़िलाफ़ आईपीसी के सेक्शन 186, 323 और 353 के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं.

मनदीप पुनिया पर 'सिंघू बॉर्डर' पर दिल्ली पुलिस के एसचओ से अभद्रता के आरोप लगाए गए हैं. इससे पहले पुनिया के साथ दूसरे पत्रकार धर्मेंद्र सिंह को भी हिरासत में लिया था, लेकिन पुलिस ने धर्मेंद्र को बाद में छोड़ दिया था, जबकि पुनिया के ख़िलाफ़ आरोप दर्ज कर लिया था.

Source: thelallantop

मनदीप पुनिया को हिरासत में लेने का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें दिख रहा है कि बड़ी संख्या में पुलिस के जवान उसे घेरे हुए हैं और लेकर जा रहे हैं. हिरासत में लिए जाने से कुछ घंटे पहले पुनिया ने 'सिंघु बॉर्डर' पर हुई हिंसा के संबंध में फ़ेसबुक पर एक लाइव वीडियो शेयर किया था. इसमें उन्‍होंने कहा था कि कैसे ख़ुद को स्‍थानीय होने का दावा करने वाली भीड़ ने आंदोलन स्‍थल पर पुलिस की मौजूदगी में पथराव किया था. 

मनदीप की पत्‍नी लीना ने पति को जमानत मिलने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'ख़ुश हूं, इस बात से संतुष्‍ट हूं कि वो जल्‍दी बाहर आ जाएंगे. मैं ख़ुद को ख़ुशखकिस्‍मत समझती हूं कि बड़ी संख्‍या में लोगों ने मनदीप के पक्ष में आवाज़ उठाई.'