आंध्र प्रदेश स्थित तिरुपति बालाजी मंदिर में भक्तों ने 50 करोड़ दान किए. एक रिपोर्ट के अनुसार इन रुपयों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता क्योंकि ये पुराने नोट में किया गया है.

तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के एक अधिकारी ने बताया कि पुराने 500 और 1000 के नोट बंद होने के बावजूद भक्तों का पुराने नोटों में दान जारी है.

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एक रिपोर्ट के अनुसार, भक्तों ने 1.8 लाख 1000 रुपये के नोट और 6.34 लाख 500 रुपये के नोट दान किए, कुल मिलाकर 50 करोड़ रुपये दान किए गए.

दुनिया के सबसे ज़्यादा अमीर मंदिरों में शुमार ये मंदिर इस पैसे का इस्तेमाल नहीं कर सकता क्योंकि 8 नवंबर 2016 को ये नोट अवैध घोषित कर दिए गए थे.

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News18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के चेयरमैन, वाई.वी.सुब्बा रेड्डी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से गुज़ारिश की है कि वो मंदिर को पुराने नोट आरबीआई में जमा करने की अनुमति दे.

इन पुराने नोटों को लेकर टीटीडी ने 2017 में भी वित्त मंत्री को लिखा था. टीटीडी ने ये भी कहा कि वो भक्तों को पुराने नोट देने से मना नहीं कर सकते थे क्योंकि ये भक्तों की आस्था और विश्वास से जुड़ा है.

टीटीडी का मानना है कि अगर ये पैसे मोनेटाइज़्ड हो जाते हैं तो इसका इस्तेमाल धार्मिक और आध्यात्मकि कार्यों में हो सकता है.