पिछले कुछ दिनों से ग़ाज़ियाबाद (Ghaziabad) में स्थित 'डासना देवी मंदिर' के पुजारी मुसलामानों को लेकर दिए अपने विवादित बयानों के चलते सुर्ख़ियों में हैं. इस बार मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने देश के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के धर्म के कारण उन पर निशाना साधा है.

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बीते मंगलवार को अलीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने कहा, 'देश के किसी भी शीर्ष पद पर काबिज़ कोई भी मुसलमान भारत समर्थक नहीं हो सकता. देश में शीर्ष पदों पर काबिज़ मुसलमान भारत विरोधी हैं. पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम भी 'जिहादी थे.

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महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने बिना किसी सबूत के दिवंगत अब्दुल कलाम पर 'डीआरडीओ प्रमुख के तौर पर पाकिस्तान को परमाणु बम' का फ़ॉर्मूला बताने का आरोप लगाया है. कलाम ने राष्ट्रपति भवन में एक सेल का गठन किया था, जहां कोई भी मुसलमान शिकायत कर सकता था.

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बता दें कि, कुछ दिन पहले ग़ाज़ियाबाद के डासना में स्थित डासना देवी के मंदिर परिसर में कथित तौर पर पानी पीने के कारण एक मुसलमान लड़के की जमकर पिटाई कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने शिरांगी नंद यादव नाम के शख़्स को गिरफ़्तार किया है.

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सोशल मीडिया पर इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ था. वीडियो में दिख रहा है कि शिरांगी नंद यादव लड़के से उसका नाम पूछता है और लड़का अपना नाम आसिफ़ बताता है, जिसके बाद यादव उसकी निर्दयता से पिटाई करता दिख रहा है.