अपनों के लिए जंग कभी-कभी अपनों से दूर रहने को मजबूर कर देती है. कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ रहे लोगों के साथ भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. पूरे देश से इन वॉरियर्स की कहानियां सुनने को मिल रही हैं. भोपाल के जेपी हॉस्पिटल में काम करने वाले डॉ. सचिन नायक की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. एक तरफ़ वो लोगों की ज़िंदगी बचाने में लगे हैं. वहीं, दूसरी तरफ़ उनका परिवार इस ख़तरनाक वायरस से सुरक्षित रहे, इसके लिए वो अपने घर से दूरी बनाकर रख रहे हैं.

indiatoday की रिपोर्ट के मुताबिक़, डॉ. सचिन हर रोज़ कोरोना संक्रमित मरीज़ों का इलाज करते हैं और फिर अपनी कार में ही सो जाते हैं. उन्होंने अपनी कार को ही अपना घर बना लिया है, क्योंकि वो नहीं चाहते कि उनकी पत्नी और बच्चा इस ख़तरनाक वायरस की चपेट में आएं.

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उन्होंने हॉस्पिटल के नज़दीक ही अपनी कार को पार्क कर रखा है. कार में रोज़मर्रा की ज़िंदगी का सामान और क़िताबें भी जमा कर ली हैं.

खाली वक़्त में वो किताबें पढ़ते हैं और अपने परिवार से फ़ोन या फिर वीडियो कॉल पर बात कर लिया करते हैं. डॉ. नायक के मुताबिक़, वो क़रीब हफ़्तेभर से ऐसा कर रहे हैं.

उन्होंने बताया कि भोपाल में जब कोरोना वायरस के मामले सामने आने लगे तो, उन्हें इतनी घबराहट नहीं हुई. लेकिन समय बीतने के साथ बड़ी संख़्या में संक्रमित मरीज़ सामने आने लगे. ऐसे में उन्होंने अपनी कार में ही रहने का तय किया.

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सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीर वायरल होने के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी उनकी सराहना की. सीएम ने ट्वीट किया, 'आप जैसे कोविड-19 के ख़िलाफ़ युद्ध लड़ रहे योद्धाओं का मैं और संपूर्ण मध्य प्रदेश अभिनन्दन करता है. इसी संकल्प के साथ हम सब निरंतर आगे बढ़ें, तो ये महायुद्ध और जल्द जीत लेंगे. सचिन जी आपके ज़ज़्बे को सलाम.'

बता दें, मध्य प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले हर रोज़ तेज़ी से बढ़ रहे हैं. राज्य में अब तक 347 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 24 लोगों की मौत हो गई है.