कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश की कई सरकारी संस्थाएं वैक्सीन को बनाने में लगी हुई हैं. इसी कड़ी में 'रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन' (डीआरडीओ) की 'रिसर्च सेंटर इमारत' भी इस वायरस को रोकने के लिए कई तरह के महत्वपूर्ण उपकरण बनाने में लगी हुई है. 

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इस बीच 'रिसर्च सेंटर इमारत' ने मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप, आईपैड, करेंसी नोट व अन्य कागज़ सैनिटाइज़ करने के लिए एक ऑटोमेटेड कॉन्टैक्टलेस 'अल्ट्रावायलेट सैनेटाइज़र' तैयार किया है. इस डिवाइस का नाम 'डिफ़ेंस रिसर्च अल्ट्रावायलेट सैनेटाइज़र' (डीआरयूवीएस) है. 

बीते रविवार को रक्षा मंत्रालय ने ट्वीट कर बताया कि इस अल्ट्रावायलेट सैनेटाइज़र डिवाइस को डीआरडीओ के 'रिसर्च सेंटर इमारत' द्वारा बनाया गया है. इसकी मदद से मोबाइल फ़ोन, आईपैड, लैपटॉप, करेंसी नोट, चेक, चालान, पासबुक, पेपर आदि सैनिटाइज़ किए जा सकते हैं. ये डिवाइस संपर्क में आए बिना ही कार्य करती है जो कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. 

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इस डिवाइस में क्या ख़ास बात है? 

ये डिवाइस कैबिनेट में रखी चीजों पर 360 डिग्री से पराबैंगनी किरणें डालता है. एक बार सैनिटाइज़ हो जाने पर ये प्रोसेस ख़ुद ही बंद हो जाती है, इसलिए इसे संचालित करने वाले को उपकरण के पास इंतज़ार करने या खड़े रहने की ज़रूरत नहीं पड़ती. 

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि इसके अलावा 'रिसर्च सेंटर इमारत' ने एक स्वचालित यूवीसी करेंसी सैनेटाइज़िंग उपकरण 'नोट्सक्लीन' भी बनाया है.  

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जानकारी दे दें कि, भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज़ों की संख्या बढ़कर 67,259 हो गई है, जबकि अब तक 2,212 लोगों की मौत हो चुकी है.