आगरा से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. दरअसल, आगरा पुलिस ने शहर में जानवरों की चर्बी से 'देसी घी' बनाने वाली एक फ़ैक्ट्री का भंडाफ़ोड़ किया है. इस मामले में पुलिस ने फै़क्ट्री मालिक समेत 4 लोगों को अरेस्ट किया है. वहीं 2 लोग फ़रार बताये जा रहे हैं.

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मामला आगरा के खंदौली कस्बे का बताया जा रहा है. खंदौली में चल रही ये फै़क्ट्री जानवरों की हड्डी और चर्बी से 'देसी घी' तैयार करके इसे व्यापारियों को सस्ते दामों में बेचती थी. ये लोग मात्र 60 रुपये में 1 किलो देशी घी का पैकेट बेचते थे.

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बीते मंगलवार को जब पुलिस ने फ़ैक्ट्री पर छापमारा, तो उस वक़्त वहां चूल्हे पर चर्बी उबल रही थी. छापेमारी के दौरान पुलिस ने फ़ैक्ट्री मालिक स्वामी चांद बाबू सहित इरशाद, ताहिर और शैफ़ी 3 मजदूरों को भी धर दबोचा है. पकड़े गये आरोपियों पर धारा 420, 272, 273 और 26 के तहत मुक़दमा दर्ज किया गया है.

आरोपी फ़ैक्ट्री मालिक चांद बाबू ने पुलिस को बताया कि 'नकली देसी घी' बनाने के लिये पहले वो चूल्हे पर जानवरों की चर्बी को अच्छे से उबालता था, फिर सुगंध के लिये उसमें वनस्पति घी और रिफ़ाइंड मिला देता था. इसके बाद 23 रुपये में 1 किलो नकली घी तैयार करता था.

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हैरानी की बात तो ये है कि 60 रुपये की लागत से बने इसी घी में फ़ुटकर व्यापारी डालडा मिलाकर उसे बाज़ार में 200 रुपये किलो के हिसाब से बेचते थे. ये सोचे बिना कि इसे खाने से किसी की जान भी जा सकती है. बताया जा रहा है कि 'खाद्य सुरक्षा विभाग' की टीम ने घी को जांच के लिये लैब में भेज दिया है.

आगरा वासियों घी ख़रीदने से पहले थोड़ा उसकी जांच ज़रूर कर लें.