ईस्ट डेल्ही म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (ईडीएमसी) ने बीते गुरुवार को दंगा प्रभावित क्षेत्रों, भजनपुरा, यमुना विहार, जाफ़राबाद और खजूरी ख़ास से पत्थर, ईंटों, फ़ुटपाथ टाइल्स की सफ़ाई शुरू की.


Hindustan Times की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ ईडीएमसी अफ़सर ने बताया, 'सिर्फ़ कर्दमपुरी से ही लगभग 2000 किलोग्राम ईंटें उठाईं गईं. ईंटें सड़कों पर बिखरी पड़ी थी और उनके बस्ते गलियों में थे, इस्तेमाल के लिए बिल्कुल तैयार.'

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ईडीएमसी ने जले कपड़ो के टुकड़े, फ़र्नीचर, कांच के टुकड़े, खिड़कियां और टायर भी हटाए.


ईडीएमसी शहादरा (उत्तरी) ज़ोन के डिप्टी कमीश्नर रनन कुमार ने बताया,
'जले कार, मोटरसाईकिल को भी हटाया नहीं गया है क्योंकि अभी पुलिस सबूत के तौर पर उनके वीडियो लेगी. गाड़ियों के मालिक इंश्योरेंस क्लेम करने के लिए अपनी गाड़ियों की पहचान भी करेंगे. जलाकर ख़ाक कर दी गई गाड़ियों की पहचान करना ज़रा मुश्किल है, उनकी पहचान करने का एक ही तरीका है, Chassis Plate वो भी पिघल गये हैं. इसीलिए ज़रूरी है कि गाड़ियों को उनकी जगह पर ही छोड़ दिया जाए.'

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शहादरा के ज़िलाधिकारी संजीव कुमार, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के ज़िलाधिकारी, शशि कौशल, डिप्टी कमीश्नर (ट्रैफ़िक) अंजिथा चेपयाला और अन्य सिविट बॉडी अधिकारियों ने ईडीएमसी से इलाके की सफ़ाई करवाने का आग्रह किया था.


उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाके जो दंगों से बुरी तरह प्रभावित हुए थे वो ईस्ट सिविक बॉडी के शहादरा (उत्तर) ज़ोन में आते हैं.

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ईडीएमसी के सीनियर इंजीनियर और प्रवक्ता, अरुण कुमार ने बताया, '34 म्युनिसिपल वॉर्ड्स में से कम से कम 15 जैस मुस्तफ़ाबाद, सीलमपुर, ब्रह्मपुरी, मौजपुर और करावल नगर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. सोमवार रात से हमारे सफ़ाईकर्मी सफ़ाई में लगे हैं वो भी सिर्फ़ रात में, लोकल पुलिस और सीरआरपीएफ़ की निगरानी में. बृहस्पतीवार को वे दिन में काम करने निकले.'


इस हफ़्ते के शुरुआत में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में दंगे भड़क गए थे. इन दंगों में 39 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की ख़बर है और सैंकड़ों घायल हो गये थे.