उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का राजभवन परिसर इस वक़्त रंग-बिरंगे फूलों से गुलज़ार है. यहां तीन दिवसीय ‘फल, शाकभाजी और पुष्प प्रदर्शनी’ का आयोजन हुआ है. प्रदर्शनी का आकर्षण दर्जनों किस्मों के फूलों से बने बड़े गुलदस्तों के अलावा आश्चर्यजनक प्रकार के फल और सब्जियां रही हैं.

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उत्तर प्रदेश सरकार के हार्टीकल्चर विभाग द्वारा आयोजित इस ख़ूबसूरत प्रदर्शनी में शहर के पार्कों, विश्वविद्यालय के लॉन, घर के बगीचों से लेकर अन्य जगहों से आए फूल, फल और सब्जियों को शामिल किया गया. शहर और राज्य भर से कई गृहिणियों और कुलीन परिवारों ने भी फूलों की घरेलू किस्मों के साथ इस कार्यक्रम में भाग लिया है. 

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प्रदर्शनी में फूलों की इतनी वैरायटी मौजूद हैं कि शायद आप दिनभर में न गिन पाएं. सिमरिया के नीले फूलों की आभा हो, सालविया के लाल बैंगनी हल्के पीले फूल हों, जरबेरा हो या फिर ग्लेडियोलस. आपको यहां हर तरह के फूल देखने को मिल जाएंगे.

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बता दें, पहली बार इस तरह की प्रदर्शनी का आयोजन 1936 में हुआ था. पिछले कुछ सालों में इस प्रदर्शनी ने लोगों की काफ़ी सराहना हासिल की है.

सरकारी दफ़्तरों के बीच दिलचस्प प्रतियोगिता देखने को मिली

सबसे पहले यहां फ़्लावर पॉट्स, सब्जियों, सजावटी और औषधीय पौधों, फलों, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों, फूलों की सजावट और कटे हुए फूलों को उनकी गुणवत्ता, अपील और नवाचार पर परखा गया. 

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विभिन्न सरकारी संगठनों जैसे एनटीपीसी, एचएएल, आरडीएसओ, राजभवन, सीएम हाउस, उत्तर रेलवे और अन्य के बागानों से उपज ने फ़र्स्ट प्राइज़ के लिए प्रतिस्पर्धा की. यहां जेल के कैदियों द्वारा उगाए गए फल और सब्ज़िया मुख्य आकर्षण रहे. इसके अलावा, अलग-अलग फलो से तैयार जैम और जैली को भी लोगों ने काफ़ी पसंद किया.