चक्रवात फणी ने ओड़िशा में तबाही मचा दी है. आंकड़ों के मुताबिक, चक्रवात की वजह से 60 से ज़्यादा लोग मारे गए और 500 करोड़ से ज़्यादा का नुकसान हुआ है.


ओड़िशा सरकार के तत्कालीन एक्शन की वजह से कई जानें बच गईं वरना मृतकों की संख्या बढ़ सकती थी.

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फणी ने कई लोगों के घर उजाड़ दिए, कई लोगों की ज़िन्दगी तबाह कर दी. IB Times की रिपोर्ट के अनुसार, चक्रवात फणी की वजह से ओड़िशा के केंद्रपाड़ा में खिरोद जेना का घर उजड़ गया और अब वो एक टॉयलेट में रहने पर मजबूर है.


अपने कच्चे घर के टूट जाने के बाद 58 वर्षीय जेना अपनी पत्नी और दो लड़कियों के साथ पक्के टॉयलेट में रह रहा है.

मोदी जी के 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत जेना को भी बाथरूम मिला था.

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चक्रवात' ने मेरा घर उजाड़ दिया पर पक्का बाथरूम बच गया. मेरे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है. 2 दिन पहले मुझे ये बाथरूम मिला और अब यही मेरा ठिकाना बन गया है. मुझे नहीं पता कि हमलोग कब तक यहां रहेंगे.

- खिरोद जेना

जेना एक दिहाड़ी मज़दूर है और फणी ने उसकी पूरा जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया. जेना का कहना है कि उसके पास अपना घर बनाने के पैसे नहीं है.

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चक्रवात का मुआवज़ा मिलने तक टॉयलेट ही मेरा घर है. टॉयलेट घर बन गया है इसलिए हम खुले में शौच करने पर विवश हैं.

- खिरोद जेना

जेना का कहना है कि उसने प्रधानमंत्री आवास योजना और बिजू पक्का घर स्कीम के तहत घर बनाने के पैसे के लिए आवेदन दिया था पर उसे कोई अनुदान नहीं मिला.


District Rural Development Agency के Project Director दिलीप कुमार के शब्दों में

Source: India Times
हमें जानकारी मिली है कि एक परिवार टॉयलेट में रह रहा है. चक्रवात का मुआवज़ा के साथ ही उस परिवार को घर बनाने के लिए अनुदान दिया जाएगा.

हम उम्मीद करते हैं कि जेना और उसके परिवार को जल्द से जल्द घर मिले.