जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने से पहले माहौल न बिगड़े इसलिए केंद्र सरकार ने राज्य में करीब 25 हज़ार सैनिकों की तैनाती की थी. इस दौरान जम्मू-कश्मीर के कई बड़े नेताओं को भी हॉउस अरेस्ट किया था.

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आर्टिकल 370 हटाने को लेकर जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों फ़ारुख़ अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ़्ती समेत कई अन्य नेताओं को नज़रबंद किया गया था. लेकिन गृहमंत्री अमित शाह ने पार्लियामेंट में इस बात से साफ़ तौर पर इंकार किया था.

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इस सब के बाद जम्मू कश्मीर से पहला बड़ा बयान आया है. जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख़्यमंत्री फ़ारुख़ अब्दुल्ला ने गृहमंत्री अमित शाह पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है.

ANI से बातचीत में फ़ारुख़ अब्दुल्ला का कहना था कि 'अमित शाह पर झूठ बोल क्योंकि मुझे मेरे ही घर में नज़रबंद किया गया था. मेरा राज्य जल रहा था और मैं अपने घर में बैठे बैठे ये सब झेल था. मेरे लोगों को उनके घरों में मारा गया उन्हें जेल भेज दिया गया. मेरा बेटा भी जेल में है'.

'ये हत्यारे हैं. मैं इस देश में ही खड़ा हूं अगर दम है तो मेरी पीठ पर वार करने बजाय सीने में गोली मार के दिखाओ. मेरा भारत डेमोक्रेटिक है. मैं जिस भारत मैं विश्वास करता हूं. वो ये भारत कतई नहीं हो सकता'.