दशरथ मांझी याद हैं आपको? वही जिन्होंने पहाड़ को काटकर उसके बीच से रोड बना दी थी, वो भी अकेले. ऐसी ही स्ट्रांग विल पावर वाले एक और शख़्स का उदाहरण केन्या से आया है. इन्होंने अकेले ही अपने गांव से नज़दीकी बाज़ार तक सड़क बनाने का काम किया है.

केन्या के इस रियल लाइफ़ हीरो का नाम है Nicholas Muchami. 45 वर्षीय Nicholas केगांड़ा गांव के रहने वाले हैं. इनके गांव से मार्केट और चर्च करीब 1 किलोमीटर दूर है. लेकिन पहाड़ी इलाका होने के कारण वहां पक्की सड़क नहीं बन पाई है.

इसके लिए कई बार Nicholas ने प्रशासन और राजनेताओं से मदद की गुहार लगाई. लेकिन सब व्यर्थ. इसलिए थक हारकर इन्होंने ख़ुद ही सड़क बनाने काम शुरू कर दिया. वो रोज़ सुबह 6 बजे सड़क बनाने निकलते और शाम 6 बजे तक काम करते.

इस बीच उन्होंने गांववालों को भी सड़क बनाने में मदद करने को कहा. मगर कोई उनकी मदद करने के लिए सामने नहीं आया. हालांकि, गांव की कुछ महिलाएं उनके लिए खाना बनाकर ज़रूर ले जाती थीं.

इस तरह कई दिनों की कड़ी मेहनत के बाद Nicholas सड़क बनाने में सफ़ल हुए. अब सभी गांव वाले इसी सड़क का इस्तेमाल कर रहे हैं. अब गांववाले उनकी तारीफ़ करते नहीं थकते.

Nicholas ने डेली मेल को दिए इंटरव्यू में कहा- ‘हमारे गांव से बाज़ार तक की सड़क काफ़ी ख़राब थी. मैंने कई बार नेताओं से सड़क बनाने को कहा, लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिली. इसलिए मैं ख़ुद ही खेती में इस्तेमाल होने वाले औज़ारों से सड़क बनाने में जुट गया. इसके बन जाने से अब लोगों को स्कूल और मार्केट जाने में आसानी हो रही है और उनका समय भी बच रहा है.’

इसी गांव में रहने वाली Josephine Wairimu ने कहा- 'हम उनके एहसानमंद हैं. सड़क ख़राब होने के कारण मैं 2 साल से चर्च नहीं गई थी. लेकिन अब मैं आराम से चर्च जा सकती हूं.'

Nicholas Muchami सलाम है आपको.