5 जुलाई को देश का यूनियन बजट पेश होने जा रहा है. नवनिर्मित वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में मोदी सरकार 2.0 का पहला बजट पेश करेंगी.

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एक वक़्त था जब मीडिया बजट पेश होने से कुछ महीने पहले से ही आम जनता के मुद्दों को उठाने लगती थी. बिजली, पानी, गैस, सब्ज़ी, घरेलू सामान के दाम घटेंगे या बढ़ेंगे, मीडिया अक्सर जनता से जुड़े सवालों को ही उठाया करती थी.

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लेकिन आज तो हाल काफी बदले हुए नज़र आ रहे हैं और जो हो रहा है वो आपके सामने है. 

ज़ी न्यूज़ के एंकर सुधीर चौधरी ने अपने आधिकारिक पेज पर आगामी यूनियन बजट से जुड़ा एक प्रोमो वीडियो शेयर किया है. जिसे ‘न्यू इंडिया का बजट’ नाम दिया है.

वीडियो में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन की देवी लक्ष्मी माता के रूप में दिखाया गया है. जिसमें रेलवे, डिफ़ेंस, एज्युकेशन, एग्रीकल्चर, इन्फ़्रास्ट्रक्चर की जैसी मोटी-मोटी बातें कही गई हैं.  

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‘न्यू इंडिया का बजट’ के इस बजट से आटा, चावल, दाल, सब्जियां, कपडे, बिजली, पानी, गैस गायब हैं. क्या वाकई में ‘न्यू इंडिया का बजट’ ऐसा ही होना चाहिए? मीडिया आम लोगों की आधारभूत चीज़ों का ज़िक्र ही नहीं करना चाहती.

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सुधीर चौधरी ने वीडियो शेयर तो कर दिया लेकिन जनाब सोशल मीडिया की सेना से कैसे बच सकते थे-