वो अंतरिक्ष को जीत रही हैं. दुनिया भर के वर्ल्ड चैंपियनशिप में बड़ी जीत हासिल कर रही हैं. बेशक भारतीय महिलाऐं दुनिया के हर कोने में अपना डंका बजा रही हैं. देश का नाम ऊंचा कर रही हैं. 

इस ही लिस्ट में शामिल हो रही हैं ये 5 बेहद युवा लड़कियां जो पहली बार फ़र्स्ट ग्लोबल चैलेंज के रोबोटिक्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. 

ऐसा पहली बार होगा कि भारत इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेगा और वो भी उस टीम के साथ जिसमें सिर्फ़ लड़कियां हैं. 

ये चैंपियनशिप दुबई में 24 से 27 अक्टूबर के बीच आयोजित होगी. 

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दुनिया भर के 193 देशों के 2,000 से भी अधिक छात्र जिनकी उम्र 14 से 18 के बीच होती है इस चैंपियनशिप में भाग लेते हैं. 

FIRST ग्लोबल चैलेंज, संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थित एक नॉन-प्रॉफ़िट संगठन है. 

इस चैंपियनशिप की इस साल की थीम ‘Ocean Opportunities’ है, जिसमें समुद्र में हो रहे प्रदूषण पर चर्चा की जायेगी. साथ ही इस बात पर भी रौशनी डाली जायेगी कि किस तरह से जल प्रदूषण समुद्री जीव-जंतु और वैश्विक आबादी के लिए ख़तरा बनता जा रहा है. 

चलिए टीम से भी मिल लेते हैं: 

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आरुषि शाह टीम में रोबोट डिज़ाइन, निर्माण और इलेक्ट्रिकल्स पर काम करती हैं. 

राधिका सेखसरिया फ़ंड रेजिंग और प्रोग्रामिंग के लिए ज़िम्मेदार हैं. 

आयुषी नैनन का प्राथमिक ध्यान आउटरीच और प्रोग्रामिंग पर है. 

जसमेर कोचर प्रोग्रामिंग और योजना बनाने का काम करती हैं. 

लावन्या लयेरिस रोबोट निर्माण और रणनीति के लिए ज़िम्मेदार हैं. 

ये सभी लड़कियां मुंबई के अलग-अलग स्कूलों की हैं.