कैथरीन बूमैन और कई वैज्ञानिकों की टीम ने मिलकर दुनिया को पहली बार ब्लैक होल की तस्वीर देखने का मौका दिया, जो बीच में गहरा लाल और अगल-बगल पीले रंग का है. अब इस ब्लैक होल को 'Powehi' के नाम से जाना जाएगा.

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Honolulu Star-Advertiser की रिपोर्ट के अनुसार, इसका नामकरण University of Hawaii-Hilo के प्रोफ़ेसर Larry Kimura ने किया है. इसका नाम 18वीं शताब्दी के हवाइयन गीत ‘कुमुलिपो’ से लिया गया है, जिसका मतलब ‘अंधेरे में किसी चीज़ की सुन्दरता बढ़ाती एक अनंत रचना’ है. इसका नाम हवाइयन भाषा में इसलिए दिया गया है क्योंकि ब्लैक होल परियोजना में अमेरिकी राज्य हवाई के दो टेलिस्कोप का प्रयोग किया गया था.

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James Clerk Maxwell Telescope की डेप्यूटी डायरेक्टर Jessica Dempsey ने Honolulu Star-Advertiser को बताया,

ये 'ब्लैक होल' एक मैसियर-87 नाम की आकाशगंगा के मध्य में स्थित है और क़रीब 5.4 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है. साइंस की लैंग्वेज में ये ऑब्जेक्ट क्या है, इसे समझाने के लिए 10 मिनट लगे और इस एक शब्द ने इसे पूरी तरह से समझा दिया.
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आपको बता दें कि नासा के वैज्ञानिक काफ़ी लंबे समय से इस ब्लैकहोल पर काम कर रहे थे और बुधवार को दुनिया में पहली बार आठ रेडियो टेलीस्कोप के डेटा से ब्लैक होल की पहली तस्वीर मिली. नासा की इस उपलब्धि को बहुत बड़ा माना जा रहा है. ये भी अनुमान लगाया जा रहा है कि ब्लैकहोल धरती से करीब 4000 करोड़ कि.मी. दूर है.