आसमां में कितनी ही बार एयरप्लेन को देख कर इच्छा होती है कि काश एक पर्सनल प्लेन भी होता. भाग-दौड़ और भौतिकवाद की दुनिया से दूर, खूबसूरत नज़ारों के बीच एक पर्सनल फ्लाइंग मशीन उड़ाना किसी यादगार अनुभव से कम नहीं होता.
अगर आपको भी इस तरह के विचार आते रहे हैं, तो आपके ये ख़्याल हकीकत में बदलने जा रहे हैं. एक टेक स्टार्टअप ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया है जो मॉर्डन समय के सबसे बड़े आविष्कार में शुमार होने की क्षमता रखता है.
अब वो दिन दूर नहीं जब दुनिया में लोग अपनी पर्सनल फ्लाइंग मशीन उड़ा सकेंगे. अमेरिका की सिलिकॉन वैली के इस स्टार्टअप, Kitty Hawk को गूगल के उप-संस्थापक लैरी पेज का सहारा मिला है. ये एक पर्सनल एयरक्राफ़्ट होगा और साल के अंत तक ये मार्किट में उपलब्ध हो जाएगा. रोमांच को लेकर जुनूनी लोग इस एयरक्राफ़्ट पर ज़रूर हाथ आज़माना चाहेंगे.

इस एयरक्राफ़्ट में आठ रोटर लगे हैं. एयरक्राफ़्ट का वज़न 100 किलो है और ये 40 कि.मी. प्रति घंटे की रफ़्तार और ज़मीन से 15 फ़ीट की ऊंचाई पर उड़ सकता है. ये एक हेलीकाप्टर की तरह ही टेक ऑफ़ करेगा और Vertical तरीके से ही लैंड करेगा.
कंपनी ने इसे एक इलेक्ट्रिक एयरक्राफ़्ट बताया है जो सुरक्षित है, टेस्टिंग में पूरी तरह से खरा उतरा है और अमेरिका के भीड़-भाड़ वाले इलाकों से दूर इस एयरक्राफ़्ट को उड़ाना कानूनी होगा. इस कार को उड़ाने के लिए किसी भी तरह के लाइसेंस की ज़रूरत नहीं है. दो घंटे की ट्रेनिंग के बाद इसे चलाया जा सकता है.

किटी हॉक के प्रेसिडेंट, सेबेस्चिन थ्रुन, स्टैनफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में प्रोफ़ेसर हैं. इन्हें फ़ादर ऑफ़ गूगल सेल्फ़ ड्राइविंग कार कहा जाता है. उन्होंने ट्वीट किया कि वे पर्सनल ट्रांसपोर्टेशन का भविष्य बदलने जा रहे हैं.
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि “हमारा मिशन है कि आरामदायक तरीके से हवा में उड़ने के सपने को हकीकत मे बदल दिया जाए. हमें यकीन है कि जब हर किसी के पास अपनी पर्सनल फ़्लाइट होगी, तो उम्मीदों और अवसरों की एक नई दुनिया देखने को मिलेगी.

हालांकि इस वेबसाइट पर कंपनी के बारे में ज़्यादा डिटेल्स नहीं हैं, लेकिन कई रिपोर्ट्स का कहना है कि लैरी पेज ने किटी हॉक प्रोजेक्ट और दूसरे इलेक्ट्रिक कार प्रोजेक्ट्स के लिए कई मिलियन डॉलर इंवेस्ट किए हैं.