जब-जब इंसानियत और मदद की बात होती है सबसे पहले सिख समुदाय का ही नाम ज़ुबां पर आता है. दुनिया पर जब-जब मुश्किल समय आया है, तब-तब सिख समुदाय पहले मदद के लिये आगे आया है. बाढ़ हो, भूकंप हो या कोई और प्राकतिक आपदा सिख समुदाय हर वक़्त मदद के लिए सबसे पहले आगे आया है. कोरोना वायरस ने जब कई बेबस लोगों की रोटी छीनी, तो दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने उनका पेट भरने का ज़िम्मा उठाया. रिपोर्ट के अनुसार, गुरुद्वारा बंगला साहिब हर रोज़ 40 हज़ार लोगों के लिये खाना तैयार कर उनका पेट भर रहा.

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गुरुद्वारे की रसोई में रोज़ाना 60 लोग ज़रूरतमंदों के लिये भोजन तैयार कर रहे हैं. भोजन तैयार होने के बाद दिल्ली सरकार के अधिकारी इसे जगह-जगह पहुंचाते हैं. इस दौरान गुरुद्वारा कमेटी और अधिक अनाज ख़रीदने की कोशिश कर रही है. हांलाकि, लॉकडाउन ख़त्म होने तक उनके पास लोगों को खिलाने के लिये पर्याप्त अनाज मौजूद है.

ET से बातचीत के दौरान लंगर प्रभारी हरबीर सिंह ने बताया कि रसोई में काम करने वाले लोग प्रोटोकॉल के तहत खाना बनाते हैं. रोटी बनाने के लिये ऑटोमैटिक मशीन भी है. हर घंटे मशीन से लगभग 1.5 Quintal आटे की रोटी तैयार की जाती है. ख़ुशी की बात, ये है कि गुरुद्वारे द्वारा पिछले 12 दिनों में 4.5 लाख लोगों की भूख मिटाई जा चुकी है.

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वाकई में सिख समुदाय इंसानियत और भवानाओं की बड़ी मिसाल है.

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