27 नवंबर से किसान सिंघु बॉर्डर पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं. लगभग 14 दिन से अधिक हो गये, पर देश के ये किसान वहां से नहीं हटे. धीरे-धीरे अब हर कोई किसानों की मदद के लिये आगे रहा है. कोई किसानों के खाने-पीने की व्यवस्था में जुटा है, तो कोई उनके लिये गर्म कपड़े जुटाने में लगा है. 

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रोटी बनाने वाली मशीन और वॉशिंग मशीन के बाद अब थके हुए किसानों की सेवा में Foot Massager मशीन भी लगा दी गई है. ताकि पैरों की मालिश के ज़रिये वो अपनी थकान मिटा सकें. इसके अलावा मेकशिफ़्ट जिम की व्यवस्था भी की गई है. बीते शुक्रवार प्रदर्शन स्थल पर पैरों की मसाज करने वाली 25 मशीनें लगाई हैं. इन मशीनों के लिये गै़र सरकारी संस्था 'ख़ालसा' ने पूरा सहयोग किया है.

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जिस भी किसान को फ़ुट मसाज लेनी हो, उसे बस एक टोकन लेकर अपनी बारी का इंतज़ार करना है. किसानों को ये सेवा मुफ़्त में दी जा रही है. आपको बता दें कि ये संगठन कांवड़ और अमरनाथ यात्रा के दौरान भी लोगों को ऐसी सेवाएं देती है.