कुछ लोगों की बुद्धि ऐसी होती है कि उनकी गुद्दी पकड़कर पूछने का दिल करता है- ‘का बे, अक्ल एकदम ही बेच खाए हो का’. मतलब आप उत्तर प्रदेश के बरेली की इस घटना को तो देखिए, यहां दिल्ली के एक कारोबारी को 3 ठगों ने ‘करामाती बल्ब’ बेचकर उससे 9 लाख रुपये ठग लिए.

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जी हां भाइयो-बहनों, आपने ठीक सुना...करमाती बल्ब. ठगों ने इन जनाब को बताया कि इस बल्ब के ज़रिए उन्हें सोने जैसी महंगी धातुओं की प्राप्ति होगी और घर में समृद्धि आएगी. इस दौरान ठगों ने एक ख़ास चुंबक की मदद से बल्ब को तरह-तरह से जलाकर कारोबारी का विश्वास जीत लिया.

दिल्ली के रहने वाले कारोबारी नितेश मल्होत्रा को आ गया लालच...वैसे भी कोरोना महामारी के चलते उनका बिज़नेस कुछ ख़ास चल नहीं रहा था. इसलिए जनाब ने सोचा क्यों न शॉर्टकट से ही मोटा छाप लिया जाए. इसके बाद नितेश ने आव देखा न ताव झट से अपने बचे खुचे 9 लाख रुपये ठगों की झोली में डाल दिए और बदले में वो चमत्कारी बल्ब ले लिया.

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जब ठग 9 लाख रुपये लेकर चम्पत हो लिए तो कारोबारी को अहसास हुआ कि ये 'करामाती बल्ब' तो साधारण बल्ब ही है और ठग लिया गया है. दरअसल, बल्ब नहीं, बल्कि उसे बेचने वाले करामाती निकले. इसके बाद जनाब दौड़े भागे पुलिस के पास पहुंचे और 3 लोगों के ख़िलाफ़ रिपोर्ट लिखाई.

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने तीन ठगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. इस कांड को अंजाम देने वाले तीनों आरोपी छुटकन ख़ान, मासूम ख़ान और इरफ़ान ख़ान लखीमपुर खीरी के बताए जा रहे हैं. आरोपितों के कब्ज़े से ठगी की मोटी रकम के साथ एक लाल रंग का बल्‍ब भी बरामद किया गया है.

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इस मामले को लेकर खीरी के एसएसपी विजय ढुल ने कहा, 'इरफ़न पर आधा दर्जन धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं. मासूम को पहले भी धोखाधड़ी और डकैती के लिए बुक किया गया था. तीनों खीरी के निघासन इलाके के रहने वाले हैं'. 

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बता दें, उत्तर प्रदेश में इस तरह की अनोखी ठगी का ये पहला मामला नहीं है. इसके पहले मेरठ में दो शातिर तांत्रिकों ने लंदन रिटर्न एक डॉक्टर को 'अलादीन का चिराग' देने के एवज में 2.5 करोड़ रुपये का चुना लगा दिया था.

ख़ैर, एक बात तो माननी पड़ेगी कि यूपी के ठग हैं एक अव्वल नंबर के करामाती.