आज से क़रीब 5 साल पहले एक ख़बर ने सबको हैरत में डाल दिया था. ख़बर थी कि एक शख़्स 251 रुपये का फ़ोन बेच रहा था. फ़ोन का नाम था फ़्रीडम 251. लगभग 30,000 लोगों ने इस फ़ोन के लिए बुकिंग भी की थी लेकिन किसी को आज तक वो फ़ोन देखने को भी नहीं मिला. इस फ़ोन फ़्रॉड के पीछे था मोहित गोयल. 

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यही फ़्रॉड करने वाले मोहित गोयल एक बार फ़िर से ख़बरों में हैं. वजह भी एक फ़्रॉड ही है. मोहित को पुलिस ने 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में मामले में अंदर किया है. मोहित ने इस बार ड्राई फ़्रूट के बिजनेस के नाम पर देश के अलग-अलग हिस्सों के हजारों कारोबारियों को चूना लगाया है. नोएडा पुलिस के अनुसार मोहित अपने पांच साथियों के साथ नोएडा में 'दुबई ड्राई फ़्रूट्स' नाम की कंपनी चला रहा था. 

पुलिस ने बताया कि मोहित पहले भी कई फ़र्ज़ी कंपनियां खोल चुका है. पुलिस ने अभी 2 लोगों को गिरफ़्तार किया है. बाकी और लोगों से भी पूछताछ चल रही है. 2 लोगों से साथ 02 लक्ज़री कार, 03 मोबाइल, 60 Kg. खाद्य सामग्री के सैंपल व अन्य सामान बरामद किया गया है. इनके ऑफिस में 50-60 के आसपास लोग काम करते थे. 

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पुलिस ने पूरी बात रखी सामने:

नोएडा पुलिस ने ट्विटर पर मीडिया को दी गयी बाइट को चार हिस्सों में अपलोड किया, जिसमें साड़ी बात सामने रखी. आप भी देखिए पूरा मामला:

कैसे करता था घोटाला:

जॉइंट कमिश्नर लव कुमार ने बताया कि ये लोग थोक विक्रेताओं को बाज़ार की क़ीमत से ऊपर का दाम ऑफर करते थे. शुरु-शुरू में ये लेनदेन दुरुस्त रखते थे ताकि विश्वास बनाया जा सके और बाद में पूरे अमाउंट का सिर्फ 30-40% ही एडवांस देते थे. बाकी पैसा कभी नहीं देते थे. ख़रीदे सामान को बाज़ार में बेचकर अच्छी ख़ासी कमाई करते थे. ऐसी ठगी ये लोग देश भर के हज़ार से भी ज़्यादा थोक विक्रेताओं से कर चुके हैं.

और भी कई बार पकड़ा जा चुका है मोहित:

मोहित का फ़र्ज़ी कंपनी बना कर भागने का रिकॉर्ड रहा है. मोहित 2018 में भी पकड़ा गया था उस वक़्त वो गैंगरेप के आरोपियों से पैसे वसूल रहा था.