CAA और NRC को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. दिल्ली के शाहीन बाग से लेकर मुंबई के गेटवे ऑफ़ इंडिया तक लोग शांतिपूर्ण ढंग से अपना-अपना विरोध जता रहे है. बेंगलुरू के फ़्रीडम पार्क में भी कुछ लोग इसी मुद्दे को लेकर सत्याग्रह कर रहे हैं. इसमें उनका साथ देने पहुंचे 101 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी एच.एस. डोरेस्वामी.

वो इन दोनों ही अधिनियमों के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल पर बैठे थे. वो अपनी उम्र और स्वास्थ्य की परवाह किए बिना वहां मौजूद लोगों का साथ देने पहुंचे थे. उनके इस कदम की हर तरफ तारीफ़ हो रही है. जिस मज़बूती से वो लोगो का साथ दे रहे हैं उससे लोग हैरान हैं. सोशल मीडिया पर पर लोग उनके ज़ज़्बे को सलाम कर रहे हैं. आप भी देखिए:

फ़िलहाल डोरेस्वामी ने अपना अनशन नारियल पानी पीकर तोड़ दिया है. डोरेस्वामी आज़ादी से पहले अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ लड़ने के लिए बॉम्ब बनाया करते थे. लेकिन बाद में गांधीजी से प्रभावित होकर उन्होंने हिंसा का रास्ता त्याग दिया और अहिंसा के मार्ग पर चले दिए. उन्होंने गांधी जी के नेतृत्व में कई स्वतंत्रता आंदोलनों में हिस्सा लिया था.

आज़ादी के बाद वो एक समाज सुधारक बन गए. वो अकसर लोगों के अधिकारों के लिए लड़ते दिखाई दे जाते हैं. जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने पर उन्होंने कहा था कि अगर गांधी जी होते तो वो सरकार के इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सत्याग्रह करते.

CAA और NRC को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पूरे देश में इन विरोध प्रदर्शनों में लगभग 20 लोगों की जान जा चुकी है.

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