दुनिया के 190 से अधिक देशों में 'कोरोना महामारी' का क़हर अब भी जारी है. हालांकि, पहले के मुक़ाबले ये अब थोड़ा कमज़ोर पड़ चुका है, लेकिन ख़तरा अब भी बरक़रार है. इस बीच कोरोना के स्ट्रेन ने भी दस्तक दे दी है, जिसे बेहद शक्तिशाली बताया जा रहा है.  

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भारत समेत दुनिया के अन्य देश भी कोरोना वैक्सीन बनाने में सफ़ल हुए हैं. भारत दुनिया के कई देशों को वैक्सीन निर्यात कर रही है. देश की बात करें तो अब तक 95 लाख लोग कोरोना वैक्सीन (टीका) लगा चुके हैं.  

इस बीच ख़बर आई है कि आम जनता के लिए कोरोना का टीका इसी साल बाज़ार में उपलब्ध होने लगेगा. साल के अंत तक लोग इसे बाज़ार से ख़रीद भी सकते हैं.  

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दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि, साल के अंत तक भारतीय बाजार में कोरोना की टीका आ जाएगा, जिसे कोई भी व्यक्ति ख़रीद कर लगवा सकता है. टीका खुले बाज़ार में तभी उपलब्ध होगा, जब शुरुआती लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा और आपूर्ति व मांग में समानता होगी. वैक्सीन से लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है. इसलिए हर किसी को टीका लगाना बेहद ज़रूरी है.  

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डॉ. गुलेरिया का कहना है कि, केंद्र सरकार ने सबसे पहले 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने का लक्ष्य रखा है. 16 जनवरी, 2021 से देशभर में चल रहे पहले चरण के तहत 3 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जा रही है. 30 करोड़ लोगों को टीका लगने के बाद ही वैक्सीन के बाज़ार में आने की संभावना है. 

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बता दें कि इससे पहले पुणे स्थित 'सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया' के सीईओ आदर पूनावाला, मार्च से अप्रैल माह के बीच टीका बाज़ार में आने की बात कह चुके हैं. वहीं, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने जून से जुलाई तक लोगों को वैक्सीन उपलब्ध होने की उम्मीद जताई थी. 

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आंकड़ों पर गौर करें तो 90 लाख लोगों को वैक्सीन देने में 30 दिन का वक्त लगा है. ऐसे में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने में सरकार को क़रीब 1 साल तक का वक़्त लग सकता है.