भारत में इस समय 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं. लेकिन अब देश में 7 नहीं बल्कि 9 केंद्र शासित प्रदेश होंगे. जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 ख़त्म करने के ऐलान के साथ ही जम्मू कश्मीर से लद्दाख को अलग कर दिया गया है. जम्मू कश्मीर विधानसभा वाला केन्द्र शासित प्रदेश होगा, जबकि लद्दाख बिना विधानसभा वाला केन्द्र शासित प्रदेश रहेगा.

क्यों बनाए जाते हैं केंद्र शासित प्रदेश?

भारत में केंद्र शासित प्रदेश क्यों बनाये गए हैं? इसका कोई स्पष्ट एक कारण नहीं है. इसमें कुछ महत्वपूर्ण कारण ये हैं कि छोटे आकार का क्षेत्र और कम जनसंख्या वाला क्षेत्र, अलग संस्कृति, प्रशासनिक महत्व आदि तत्वों की सुरक्षा करना आदि.

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सामरिक महत्व

लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार दो ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर भी विधानसभा का गठन कर एक अलग राज्य संचालित करना आसान नहीं है. लेकिन केंद्र सरकार के ज़रिए सीधे तौर पर वहां शासन आसान है और ये रणनीतिक रुप से भी काफ़ी अहम है. आपातकालीन स्थिति में सरकार वहां पर कोई भी कार्रवाई कर सकती है लेकिन एक राज्य में सरकार ऐसा नहीं कर सकती.

आइये जानते हैं एक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में क्या अंतर होते हैं-

1. भारत के राज्यों की अपनी चुनी हुई सरकारें होती हैं, लेकिन केन्द्र शासित प्रदेशों में सीधे-सीधे भारत सरकार का शासन होता है.

2. सभी राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों (पुडुचेरी और दिल्ली) में निर्वाचित विधायिका और सरकार हैं, जबकि बाकी केंद्र शासित प्रदेश सीधे केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित और प्रशासित हैं.

3. भारत के सभी राज्य केंद्र के साथ एक संघीय संबंध साझा करते हैं, जबकि केंद्र शासित प्रदेश केंद्र के साथ एकात्मक संबंध साझा करते हैं.

4. प्रत्येक राज्य में एक राज्यपाल होता है, जो कार्यकारी प्रमुख के रूप में कार्य करता है, लेकिन केंद्र शासित प्रदेश के मामले में राष्ट्रपति कार्यकारी प्रमुख के तौर पर कार्य करता है.

5. देश के सभी राज्यों को मुख्यमंत्री शासित होते हैं जो जनता द्वारा चुने जाते हैं, लेकिन केंद्र शासित प्रदेश एक प्रशासन द्वारा शासित होता है जिसे राष्ट्रपति द्वारा चुना जाता है.