केरल वो राज्य जिसे देश में सबसे उच्च साक्षरता दर के लिए जाना जाता है, के लिए ये कितनी शर्मिंदगी भरी बात है कि वहां की 10वीं क्लास की टेक्स्टबुक में संवेदनशील स्वास्थ्य समस्या के बारे में बच्चों को ग़लत जानकारी दी जा रही है.

Huffingtonpost के अनुसार, केरल में 10वीं क्लास के स्टूडेंट्स को ये पढ़ाया जा रहा है कि HIV शादी से पहले सेक्स संबंध (प्रीमैरिटल सेक्स) के कारण होता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बच्चों को भ्रमित करने वाली ये सूचना 10वीं क्लास की बायोलॉजी की किताब में लिखी गई है. बॉयोलोजी की इस किताब में लिखा है कि, 'ह्यूमन इम्यूनो डेफिसिएंसी वायरस (एचआईवी) प्रीमैरिटल या एक्सट्रामेरिटल सेक्स की वजह से फैल सकता है.'

इंडिया टुडे की ख़बर के अनुसार, केरल में स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एडं ट्रेनिंग(SCERT) की बायोलॉजी की दसवीं किताब के पेज नंबर 60 में ये जानकारी दी गई है. ये जानकारी एक सवाल 'एचआईवी फैलने के तरीके क्या हैं?', के जवाबों में से एक है. इतना ही नहीं इस पेज पर बने ग्राफ़िक्स के माध्यम से ये भी बताया गया है कि कैसे अलग-अलग तरीकों से ये बीमारी फैलती है. और इसके फैलने की एक मुख्य वजह प्रीमैरिटल सेक्स और एक्सट्रामैरिटल सेक्स को माना गया है.

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एक अधिकारी ने बताया कि इस ग़लती को सुधार लिया गया है. अधिकारी ने कहा कि ये गलती हमारे नोटिस में आई और हमने इसे सुधार लिया है. हमने इस हिस्से को हटा दिया है और जून से जो नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा, उसमें इस हिस्से को किताब में नहीं लिया गया है. लोक शिक्षण निदेशालय(डॉयरेक्टरेट ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन) ने बताया कि साल 2015-16 के शैक्षणिक सत्र में इस संशोधित संस्करण को शामिल किया गया था. इस किताब को स्कूल के शिक्षकों और विशेषज्ञों की एक समिति द्वारा घोषित किया गया था और वर्तमान टीम इसमें शामिल नहीं थी.

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The News Minute के अनुसार, एससीईआरटी की रिसर्च ऑफ़िसर, निशि ने बताया, हमने इस ग़लती को पकड़ लिया है और हमने इसे सुधार लिया है. हमने किताब में से इस हिस्से को हटा दिया है और जून 2019 से जो नया शैक्षणिक सत्र शुरू होगा, उसमें इस हिस्से को किताब में नहीं रखा गया है.

मगर ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि किसी टेक्स्टबुक में इस तरह की ग़लती हुई है. पिछले साल TOI में छपी एक ख़बर के अनुसार, गुजरात बोर्ड के 12वीं क्लास की संस्कृत की किताब में लिखा हुआ था कि 'रामायण में भगवान राम ने माता सीता का अपहरण किया था.' उस वक़्त गुजरात स्टेट बोर्ड ऑफ़ स्कूल टेक्स्टबुक्स के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. नितिन पेठानी ने इसे एक अनुवाद त्रुटि करार दिया था.