भारत की वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत ने हमें हमेशा ही गौरवान्वित किया है. हमारे देश में आज भी कई पुरानी विरासत हैं जिनकी गिनती दुनियाभर की ऐतिहासिक धरोहरों में होती है. भारत में इंजीनियरिंग चमत्कार आज से नहीं, बल्कि सदियों से होता आ रहा है.  

Source: curlytales

दरअसल, हैदराबाद के मेहदीपटनम जंक्शन पर पैदल चलने वालों के लिए जल्द ही एक शानदार 'स्काई वॉक' बनाने जा रहा है. ये ग्लास स्काई वॉक 'मिलिट्री गैरिसन' एरिया को सड़क के दूसरी तरफ़ मौजूद 'रिथू बाज़ार' से जोड़ेगा. इस स्काई वॉक के लिए प्रस्तावित डिज़ाइन बेहद शानदार है. ये बिलकुल कनाडा के 'ग्लेशियर स्काई ब्रिज' की तरह ही होगा.  

Source: curlytales

स्काई वॉक में होंगी 16 लिफ़्ट  

ज़मीन से क़रीब 6.15 मीटर की ऊंचाई पर स्थित ये स्काई वॉक सस्पेंशन कॉर्ड के सहारे टिका होगा. इस स्काई वॉक में 6 एंट्री गेट होंगे, जो सड़क से सीढ़ी के सहारे जुड़े होंगे. सीढ़ियों के अलावा इसमें 36 यात्रियों की क्षमता वाली 10 लिफ़्ट, जबकि 15 यात्रियों की क्षमता वाली 6 लिफ़्ट लगी होंगी. इसके साथ ही शारीरिक रूप से अक्षम लोगों के लिए एक एलेवेटर चेयर सेटिंग भी होगी. इसके ग्राउंड फ़्लोर पर खाने-पीने की दुकानें भी होंगी.

Source: curlytales

34.28 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत  

इस स्काई वॉक की अनुमानित लागत 34.28 करोड़ रुपये के क़रीब बताई जा रही है. ये मेहदीपट्टनम शहर में प्रस्तावित 8 स्काई वॉक में से एक है. हालांकि, अन्य जगहों का ख़ुलासा तो नहीं किया गया है, लेकिन कहा जा रहा है कि उप्पल, दिलसुखनगर, आरटीसी चौराहा, सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन और मदीना जंक्शन में भी स्काई वॉक बनेंगे.  

Source: curlytales

HMDA कमिश्नर अरविंद कुमार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से इस ख़बर की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि ग्लास और स्टील स्काई वॉक के लिए डिज़ाइन एमए और यूडी मिनिस्टर के. टी. रामाराव की अनुमति के बाद एचएमडीए द्वारा बिड्स के लिए बुलाया जायेगा.