आईएएस अधिकारी निधि चौधरी का महात्मा गांधी के ऊपर किया गया ट्वीट, उनके लिए मुसिबत बन गया है. हालांकि निधि ने ट्वीट को डिलिट कर दिया और माफ़ी भी मांग ली है, फिर भी उनका तबादला कर दिया गया.

निधि बृहन्मुंबई महानगरपालिका कार्यालय में कार्यरत थी उनका तबादला कर जल आपूर्ति और स्वच्छता विभाग में भेज दिया गया है. सरकार की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस भी भेजा गया है.

बता दें कि निधि ने अपने विवादित ट्वीट में भारतीय मुद्राओं से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाने और उनकी मूर्तियां भी हटवा देने की बात की थी, साथ ही साथ 30.01.1948 के लिए गोडसे को ध्नयवाद कहा था.

अपनी सफ़ाई में निधि ने बाद में कहां कि वो एक व्यंगात्मक ट्वीट था, जिसे लोगों ने ग़लत अर्थ में समझा.

इस ट्वीट पर सबसे पहले पहले एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड ने आपत्ति दर्ज की थी, उसके बाद महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने भी आईएएस अधिकारी के निलंबन की मांग रखी थी. विवाद बढ़ता देख निधि चौधरी ने ट्वीट हटा कर अपनी सफ़ाई पेश की.

अपने ट्वीट में निधि चौधरी ने लिखा, 'जिन्होंने मेरे 17-05-2019 के ट्वीट को ग़लत समझा है, उन्हें मेरी टाइम लाइन देखनी चाहिए. पिछले कुछ महीने के ट्वीट भी अपने आप में पर्याप्त हैं. मैं व्यंग्य के साथ लिखे इस ट्वीट को ग़लत तरीके से समझे जाने से बहुत दुखी हूं. मैं कभी गांधी जी का अपमान नहीं करूंगी.'

इसके अलावा निधि ने अपनी बात रखते हुए अपने पुराने ट्वीट का स्क्रिन शॉट लगाया और साथ में एक कविता भी पोस्ट की.

अपनी कविता में निधि ने लिखा है, 'जो मेरे चरित्र पर छींटे अब तुमने उछाले हैं, इन छींटों के तेज़ाब से रूह पे उभरे छाले हैं, गर ज़ख़्म जिस्म को देते तो, मरहम शायद उनको भर देते.'