भूकंप के झटके कितने ख़तरनाक होते हैं ये किसी से छुपा नहीं है. एक छोटा सा झटका भी सबके मन में दहशत भर देता है.ऐसे में आइसलैंड में रहने वाले लोगों का क्या हाल होगा ये सोच पाना भी मुश्किल है क्योंकि आइसलैंड में पिछले तीन हफ़्तों से लगातार भूकंप आ रहे हैं और अब कुल 50,000 से भी ज़्यादा भूकंप आ चुके हैं.

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24 फरवरी से ये झटके जारी हैं. वैज्ञानिक इसे 'अभूतपूर्व भौगोलिक घटना' बता रहे हैं. इस एरिया में ज्वालामुखी के फटने की संभावना भी जताई जा रही है. आपको बता दें कि आइसलैंड यूरोप में सबसे सक्रिय ज्वालामुखी क्षेत्र है. यहां औसतन हर पांच साल में विस्फोट होता है.

न्यूज़ कम्पनी Reuters को आइसलैंड के Grindavik शहर के निवासी ने बताया, "फिलहाल हम इसे लगातार महसूस कर रहे हैं. यह ऐसा है जैसे हम एक हिलने-डुलने वाले ब्रिज पर हों." ये शहर Reykjanes Peninsula के दक्षिणी भाग में है. Reykjanes Peninsula ही इन सारी गतिविधियों का केंद्र है.

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इस सारे भूकंप का कारण लावा को बताया जा रहा है जो इस एरिया में केवल 1 किलोमीटर नीचे ही तैर रहा है और बाहर आने की कोशिश में है. आने वाले कुछ भूकंप रिएक्टर स्केल में 5.7 तक मापे गए. आइसलैंडिक मौसम विज्ञान कार्यालय (Icelandic Meteorological Office) सारा बारसोटी ने कहा, "हमने इतनी भूकंपीय गतिविधि कभी नहीं देखी." 

इन सारे झटकों से स्थानीय लोगों की नींद उड़ी हुई है. एक स्कूल टीचर Gudmundsdottir ने कहा, "यहां पर सब थके हुए हैं. जब भी मैं सोने जाता हूं हर रोज़ यही सोचता हूं कि आज नींद आएगी या नहीं? हालांकि मुझे यकीन है ख़तरा होने पर अधिकारी लोग हमें सही जगह पहुंचा देंगे. मैं डरा हुआ नहीं हूं, बस थक गया हूं."

उम्मीद करते हैं जल्द ही ये भूकंप शांत हों और जान-माल को ज़्यादा नुकसान ना पहुंचे.