IIT मद्रास की छात्रा फ़ातिमा लतीफ़ ने बीते शनिवार अपनी जान ले ली, वो सिर्फ़ 19 साल की थी.


रिपोर्ट्स के मुताबिक़ MA, Humanities and Development Studies (Integrated) की पहले साल की छात्रा फ़ातिमा ने इस विषय का इंट्रेंस टॉप किया था.  

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आख़िरी बार फ़ातिमा को 8 नवंबर को हॉस्टल में देखा गया. जिस दिन उसने अपनी जान ली उस दिन उसकी मां, सजीता लतीफ़ उसे बार-बार फ़ोन कर रही थीं. फ़ातिमा फ़ोन नहीं उठा रही थी, जिसके बाद सजीता ने उसके दोस्तों को फ़ोन करके उसका पता लगाने को कहा. बीते शनिवार सुबह 11:30 बजे फ़ातिमा के दोस्तों ने उसका कमरा अंदर से बंद पाया, दरवाज़ा तोड़कर अंदर जाने पर उसका मृत शरीर पाया गया.


मीडिया में पहले घटना को इस तरह से रिपोर्ट किया गया कि फ़ातिमा के इंटर्नल टेस्ट में कम नंबर आए और इस वजह से आत्महत्या कर ली. पुलिस ने ही यह जानकारी मीडिया तक पहुंचाई कि फ़ातिमा पहली बार घरवालों से दूर रह रही थी और उसके इंटर्नल में कम अंक आए जिस वजह से फ़ातिमा ने आत्महत्या की है.  

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अब पूरे मामले का अलग पहलू सामने आया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ फ़ातिमा केरल की थी. बीते मंगलवार को फ़ातिमा के पिता, अब्दुल लतीफ़ केरल के मुख्यमंत्री, विजयन से मिले और तमिलनाडु पुलिस की जांच में दख़ल देने का अनुरोध किया. अब्दुल ने न्याय की मांग करते हुए प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा. असल में फ़ातिमा के फ़ोन में उसने एक प्रोफ़ेसर को अपनी मौत का कारण बताया है. अभी फ़ातिमा का फ़ोन तमिलनाडु पुलिस के पास है. 


IIT मद्रास के Humanities Department के Head, Umakant Dash ने बताया कि उन्हें या छात्रों को फ़ातिमा के सूसाइड करने के कारण का पता नहीं है. 

Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक़, Dash ने कहा, 
'हमें उसके आत्महत्या करने के कारण के बारे में कुछ पता नहीं है. ये घटना एक प्रोफ़ेसर और पिछले हफ़्ते बांट के Answersheet से जोड़ी जा रही है. उसने हर विषय में टॉप किया था और सिर्फ़ उस प्रोफ़ेसर के विषय में सेकेंड आई थी. उसे 3 मार्क्स की उम्मीद थी. पर 2-3 नंबर कम लाना किसी के आत्महत्या करने का कारण बन जाए, ये बहुत दुखद है.' 

फ़ातिमा के शिक्षकों का कहना है कि वो कक्षा में सर्वश्रेष्ठ थी और उन्हें यक़ीन नहीं आ रहा कि वो नहीं रही. 

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फ़ातिमा के पिता के मुताबिक़,

'उसकी मौत के पीछे कोई रहस्य है. उसने उस प्रोफ़ेसर के बारे में पहले भी बताया था- ये कहा था कि वो छात्रों को रुला देता है. हमारे पास इस बात की जानकारी है कि वो हर रात 9 बजे मेस हॉल में बैठकर रोती थी. मैं पुलिस से सीसीटीवी फ़ुटेज चेक करने की मांग करता हूं.'  

ट्विटर पर फ़ातिमा के फ़ोन पर उस नोट का स्क्रीनशॉट शेयर किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि आरोपी प्रोफ़ेसर उसे ताने मारता था. 

#JusticeForFathimaLatheef के साथ लोग फ़ातिमा के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं-  

हम उम्मीद करते हैं कि अगर फ़ातिमा ने फ़ैकल्टी के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या की है तो उसे न्याय मिले और दोषियों को सज़ा.