झारखंड के सरायकेला ज़िले से मॉब लिंचिंग की एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है. चोरी के शक में गुस्साई भीड़ ने एक युवक की मार-मारकर हत्या कर दी. इस दौरान युवक से उसकी कौम पूछकर जबरन 'जय श्रीराम' और 'जय हनुमान' के नारे भी लगवाए गए.

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सोशल मीडिया पर इस घटाना के 2 वीडियो वायरल हो रहे हैं. मामला सरायकेला ज़िले के धातकीडीह गांव का है. युवक का नाम तबरेज़ अंसारी बताया जा रहा है. तबरेज़ को चोरी के शक में ग्रामीणों ने पकड़ लिया था. इसके बाद लोगों ने करीब 18 घंटे तक लाठी-डंडों से मार-मारकर उसे पुलिस को सौंप दिया.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक़, 18 जून को घायल तबरेज़ को पुलिस के हवाले किया गया. इसके बाद कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. 22 जून को उसकी तबियत बिगड़ने लगी, तो पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.

बताया जा रहा है कि तबरेज़ 17 जून को गांव के दो युवकों के साथ एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर जमशेदपुर से वापस लौट रहा था. इसी बीच सरायकेला के धातकीडीह गांव के ग्रामीणों ने तीनों को चोर होने के शक में धर दबोचा. इस दौरान जान बचाने के लिए दोनों युवक भाग निकले लेकिन तबरेज़ को ग्रामीणों पकड़ लिया. इसके बाद ग्रामीणों ने तबरेज़ को बिजली के खंभे से बांधकर पूरी रात उसकी पिटाई की.

तबरेज़ अंसारी पुणे में वेल्डिंग का काम करता था. ईद की छुट्टी पर अपने गांव खरसवां आया हुआ था.

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तबरेज़ की पत्नी का कहना है कि 'मेरा अब इस दुनिया में कोई सहारा नहीं है. मेरे पति को सिर्फ़ इसलिए मार दिया गया क्योंकि वो मुस्लिम थे. सरकार से बस यही चाहते हैं कि हमें इंसाफ़ मिले'.

परिवार ने पुलिस लापरवाही के आरोप लगाए

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तबरेज़ की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ख़ूब हंगामा किया. परिजनों ने सराय केला थाने की पुलिस पर एक तरफ़ा कार्रवाई करते हुए निर्दोष को फंसाने का आरोप लगाया. गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पुलिस ने तबरेज़ को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया.

इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों ने हर तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं:

इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी पप्पू मंडल को गिरफ़्तार कर लिया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.