भारत के जाने-माने शास्त्रीय गायक पंडित जसराज का अमेरिका के न्यू जर्सी में निधन हो गया है. पंडित जसराज का 90 साल की उम्र में कार्डिएक अरेस्ट की वजह से निधन हुआ है.

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कौन थे पंडित जसराज?

पद्मविभूषण, पद्मभूषण और पद्मश्री से सम्मानित पंडित जसराज शास्‍त्रीय संगीत के मेवाती घराने से ताल्‍लुक़ रखते थे. उन्होंने संगीत की शुरुआती शिक्षा अपने पिता पंडित मोतीराम से ली थी. 14 वर्ष की आयु में गायक के रूप में प्रशिक्षण शुरू किया. 22 साल की उम्र में उन्‍होंने गायक के रूप में अपना पहला स्‍टेज कन्‍सर्ट किया.

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28 जनवरी 1930 को हरियाणा के हिसार में जन्मे पंडित जसराज ने मशहूर फ़िल्म निर्देशक वी. शांताराम की बेटी मधुरा शांताराम से विवाह किया था. 4 पीढ़ियों से शास्त्रीय संगीत की परंपरा को आगे बढ़ा रहे पंडित जसराज की 'ख़याल शैली' की गायिकी में माहिर थे. उनके पिता पंडित मोतीराम मेवाती घराने के संगीतज्ञ थे. जब पंडित जसराज महज तीन-चार साल के थे, तभी उनके पिता का निधन हो गया था.

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जसरंगी जुगलबंदी की रचना की

पंडित जसराज ने एक अनोखी जुगलबंदी की रचना की थी. इसमें महिला और पुरुष गायक अलग-अलग रागों में एक साथ गाते हैं. इस जुगलबंदी को 'जसरंगी' नाम दिया गया है.

जसराज के सम्मान में रखा ग्रह का नाम

सितंबर 2019 में पंडित जसराज को अमेरिका ने एक अनूठा सम्मान दिया था. 13 साल पहले खोजे गए एक ग्रह का नाम उनके नाम पर रखा गया है. ग्रह की खोज नासा और इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन के वैज्ञानिकों ने मिलकर की थी. इस ग्रह का नंबर पंडित जसराज की जन्म तिथि से उलट था. उनकी जन्मतिथि 28/01/1930 है और ग्रह का नंबर 300128 था.

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इसके अलावा पंडित जसराज ने साल 2012 में एक अनूठी उपलब्धि हासिल की थी. 82 साल की उम्र में उन्होंने अंटार्कटिका के दक्षिणी ध्रुव पर अपनी प्रस्तुति दी थी. इस दौरान वो सातों महाद्वीप में कार्यक्रम पेश करने वाले पहले भारतीय बने थे.