भारत अभी विश्व में दूसरा सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश है. United Nations World Population Prospects 2019 की रिपोर्ट के अनुसार अगले 3 दशकों में भारत और नाइजीरिया की आबादी काफी तेज़ी से बढ़ेगी.


2027 तक भारत, जनसंख्या में चीन को भी पछाड़ देगा. 2050 तक दुनिया की आबादी 7.7 बिलियन से बढ़कर 9.7 बिलियन हो जाएगी.

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भारत की आबादी बढ़ने के मुख्य कारणों में से एक है, बड़ी आबादी का प्रजनन योग्य बनना. भारत की Total Fertility Rate है 2.2 प्रति महिला.


उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों में Total Fertility Rate अन्य राज्यों के मुक़ाबले ज़्यादा है.

भारत की आबादी के एक बड़े हिस्से के पास मौलिक आवश्यकताएं (पोषक आहार, पक्का मकान अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं आदि) नहीं हैं.


हेल्थकेयर सेक्टर में सरकार ने 2018-2019 में 56,045 करोड़ ख़र्च करने की और 2019-2020 में 64,559 करोड़ ख़र्च करने की घोषणा की है.

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1990 से जनसंख्या नियंत्रण से दुनिया में होने वाली समस्या के बारे में लोगों को जागरुक करने के लिए दुनियाभर में विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है. हालांकि इसका विश्व के जनसंख्या पर कोई प्रभावी असर नहीं दिख रहा है. आज भी दुनिया के लिए जनसंख्या विस्फ़ोट एक बहुत बड़ी समस्या है.


देश में जनसंख्या नियंत्रण के कानून की सख़्त ज़रूरत है. अगर ये संभव नहीं तो इतनी बड़ी आबादी के खाने-पीने तक की समस्या से निपटने का तरीका ढूंढ लेना चाहिए.