एक जवान सेना में इसलिए भर्ती होता है क्योंकि वो देश के लिए कुछ करना चाहता है. लेकिन उसके देश प्रेम की भावना को तब झटका लगता है जब कोई उसके ईमान को ठेस पहुंचाता है.

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हमें मालूम है कि सेना के जवानों की ज़िंदगी कितनी मुश्किल होती है, लेकिन सच ये है कि जवानों से मुश्किल ज़िंदगी उनकी पत्नियों की होती है.

ये बात हम पहले भी कई बार सुन चुके हैं कि सेना के जवानों को उनके बड़े अधिकारियों द्वारा सताया जाता है. लेकिन अब एक नया खुलासा ये हुआ है कि अधिकारियों की पत्नियों द्वारा जवानों की पत्नियों को भी सताया जाता है.

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एक जवान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा है कि-

'जब हम बॉर्डर पर तैनात होते हैं मजबूरन अपनी फ़ैमली को आर्मी के 'फ़ैमली वेलफ़ेयर सेंटर' में रखना पड़ता है. यहां पर अफ़सरों की पत्नियां हमारी पत्नियों को पपेट की तरह इस्तेमाल करती हैं. अफ़सरों द्वारा हमारे परिवारों का शोषण किया जाता है. 'फ़ैमिली वेलफ़ेयर सेंटर' में अधिकारियों की पत्नियों उन्हें ज़लील करती हैं. वो हमारी पत्नियों को अफ़सरों के आगे नाचने को कहती हैं फिर उनका मज़ाक बनाती हैं.

अफ़सरों की पत्नियां सिर्फ़ इतना ही नहीं, हर वक़्त हमारी पत्नियों को उनके पतियों की रैंक का अहसास भी कराती रहती हैं. चाहे कैंटीन में सामान लेना हो या फिर आर्मी हेल्थ सेंटर में चेकअप कराना हो.

आर्मी के ड्रेस में हम जवानों से घर का काम कराया जाता है. एक अफ़सर के घर हर वक़्त 25 से 30 जवान उनके घरेलू काम में लगे रहते हैं. जवानों से खाना बनाने, कपड़े धुलवाने, जूते पॉलिश कराने, बर्तन साफ़ करने और बाज़ार से सब्ज़ी लाने जैसे काम कराए जाते हैं.

हमारे अफ़सर हमें उनकी पत्नियों को सल्यूट मारने और उनके सारे ऑर्डर मानने के आदेश देते हैं. उनकी पत्नियां भी हमें हर वक़्त जलील करती रहती हैं. उन्हें अपने पति की पावर का इस तरह से ग़लत इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.'

इस वीडियो को इसी साल मई के महीने में सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें ये जवान अफ़सरों और उनकी पत्नियों द्वारा उनका शोषण करने का आरोप लगा रहा है.

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एक जवान बॉर्डर पर तैनात है तभी हम घर में बैठकर चैन की सांस ले पा रहे हैं. अगर भारतीय सेना के किसी जवान के साथ इस तरह का शर्मनाक व्यवहार हो रहा है तो ये बेहद निंदनीय है.