भारतीय सेना... ये दो शब्द किसी भी भारतीय के दिल में एक अलग एहसास जगा देते हैं. बहादुरी, शौर्य, वीरता को बयां करने के लिए किसी लेखक के कलम से शब्द कम पड़ जाएंगे पर जवानों की वीर गाथाएं कम नहीं होंगी.


भारतीय सेना ने इस बार इंसानियत की अनोख़ी मिसाल पेश की है. ADGPI के फ़ेसबुक पोस्ट के मुताबिक पाकिस्तान के 7 साल के बच्चे का शव बहकर लाइन ऑफ़ कन्ट्रोल के पास स्थित Acchura गांव के बहकर आ गया. ये गांव जम्मू कश्मीर के गुरेज़ घाटी में है.

'भारतीय सेना ने तुरंत एक्शन लिया और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के ज़रिए पता लगाया कि वो मृत देह 7 साल के आबिद अहमद का शेख़ का है, जो लाइन ऑफ़ कन्ट्रोल के उस पार गिलगित क्षेत्र के Minimarg का रहनेवाला है. सोशल मीडिया के रिपोर्ट्स के मुताबिक आबिद 8 जुलाई से लापता है और शायद Burzil Nala में फ़िसल गया था.'

गुरेज़ के एसएचओ तारीक़ अहमद ने Indian Express से बातचीत में कहा,


'Acchura इस बीच एक अलग समस्या में फंसा था. इस गांव में कोई कब्रिस्तान नहीं है. बच्चे के शरीर को पहाड़ों से बर्फ़ काटकर गलने से बचाया गया.'

बच्चे के शरीर को गुरेज़ के एक अस्पताल में रखा गया था.

बच्चे के शरीर को गलने से बचाने के लिए भारतीय सेना बुधवार को गुरेज़ से ही शरीर को पाकिस्तानी सेना को सौंपना चाहती थी पर पाकिस्तानी सेना कुपवाड़ा ज़िला में ऑफ़िशियल एक्सचेंज पोएंट, तीतवाल से ही शरीर लेना चाहती थी. ये जगह गुरेज़ से तकरीबन 200 किलोमीटर की दूरी पर है.

देर शाम पाकिस्तानी सेना का दिल पिघला और उन्होंने गुरेज़ से ही बच्चे के शरीर को स्वीकार करने का निर्णय लिया. भारतीय सेना की एक टीम उस पॉइंट तक पहुंची पर दूसरी तरफ़ से कोई जवाब नहीं मिला. बच्चे के शरीर को वापस अस्पताल ले जाया गया.


भारतीय सेना के सदस्यों ने बताया कि 11 जुलाई को 12:39 pm पर बच्चे के शरीर को पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया गया.

भारतीय सेना के इस कदम को सोशल मीडिया ने भी सलाम किया-