41 वर्षीय भारतीय मूल के जापानी नागरिक ने जापान में वो कर दिया, जो आज-तक किसी भारतीय ने नहीं किया था. योगेंद्र पुराणिक ने जापान के निकाय चुनाव में जीत दर्ज की, इससे पहले कोई भारतीय जापान में किसी चुनाव नहीं जीता था.

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योगेंद्र पुराणिक को उनके क्षेत्र में 'योगी' नाम से भी जाना जाता है. उन्हें टोक्यो के Edogawa वार्ड में कुल 6,477 वोट मिले.

उनके वार्ड में भारतीय मूल के जापानियों की संख्या 10% है, जो कि टोक्यो के अन्य वार्डों के मुकाबले सबसे ज़्यादा है. पूरे जापान में लगभग 34,000 भारतीय मूल के जापानी रहते हैं. 'योगी' के वार्ड में भारी तादाद में चीन और कोरिया मूल के जापानी भी रहते हैं.

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योगेंद्र पहली बार जापान 1997 में गए थे, उसके ठीक 2 साल बाद वो वापस जापान पढ़ाई के सिलसिले में गए. फिर साल 2001 में इंजीनियर बनके जापान में काम करने लगे. वो साल 2005 से Edogawa वार्ड में रह रहे थे.

2011 के सुनामी के बाद उनके और जापानियों के बीच एक मज़बूत मानसिक रिश्ता बन गया. योगी बताते हैं कि यही वो समय था, जब उन्हें महसूस हुआ कि उन्हें जापानी बन जाना चाहिए.