बीते शुक्रवार को दुनिया की सबसे लंबी उड़ान भर कर Singapore Airlines ने इतिहास रच दिया. इस फ़्लाइट ने सिंगापुर से नेवार्क का 16,800 किलोमीटर का सफ़र 19 घंटों में पूरा किया. इसे सार्थक करने में दो भारतीय मूल के पायलेट का भी हाथ है.  

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5 साल पहले Singapore Airlines ने घाटे के चलते इस फ़्लाइट को बंद कर दिया था. मगर अब इसे नए Airbus A350 Ultra Long Range (ULR) की मदद से फिर से शुरू किया गया है. इसकी ख़ासियत ये है कि ये दूसरे प्लेन्स के मुकाबले 25 फ़ीसदी कम ईंधन की खपत करती है.

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इस एयरबस में क्रू मेंबर्स समेत 167 लोगों के बैठने की क्षमता है. Singapore Airlines के एक प्रवक्ता ने बताया कि, Changi-Newark की इस नॉनस्टॉप फ़्लाइट में 4 पायलेट थे. कैप्टन I. R. Chaudhury और Ruben Gamoo, दो Senior First Officers Maxx Tan और KH Lim. इनमें से 3 सिंगापुर के हैं. हालांकि उन्होंने उनके भारतीय होने की बात पर कोई कमेंट नहीं किया.

अभी तक सबसे लंबी उड़ान भरने वाली एयरलाइन्स में कतर एयरवेज़ का नाम शामिल था. कतर एयरवेज़ की ऑकलैंड-दोहा की फ़्लाइट ने 17 घंटे 40 मिनट में 14,535 किलोमीटर की दूरी तय की थी. लेकिन अब सिंगापुर एयरलाइंस ने नया रिकॉर्ड स्थापित कर उसे दूसरे पायदान पर खिसका दिया है.

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इस एयरबस को उड़ाना किसी भी पायलेट के लिए बहुत ही मुश्किल होता है. मगर पिछले कुछ महीनों में भारतीय पायलेट्स ने ऐसी कई फ़्लाइट्स उड़ा कर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया कि एक रिपोर्ट के मुताबिक, तकरीबन 60 भारतीय मूल के पायलेट A380 विमान को Emirates और Etihad एयलाइन्स के लिए हैं उड़ान भर रहे हैं. सिंगापुर एयलाइन्स के 2000 पायलेट्स में भी कई भारतीय ही हैं.

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एक भारतीय पायलेट ने बताया कि वैश्विक स्तर पर भारतीय पायलेट्स की सफ़लता को देखते हुए भारतीय एयरलाइन्स भी अब Boeing 787 और Airbus A320 जैसे बड़े हवाई ज़हाज़ को ख़रीद रही हैं. विस्तारा, स्पाइस जेट और जेट एयरवेज़ जैसी एयरलाइन्स ने भारी-भरकम विमानों से उड़ान भरना शुरू कर दिया है. इन्हें अभी तक विदेशी पायलेट उड़ाते आए हैं, पर अब भारतीय पायलेट्स की सफ़लता को देखते हुए देश में भी उनको ऐसे विमान उड़ाने का मौका मिलेगा.

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एक आंकड़े के अनुसार, विदेशी एयरलाइन्स में कैप्टन को 10.5 लाख रुपये और फ़र्स्ट ऑफ़िसर्स को 7.5 लाख रुपये हर महीने सैलरी देते हैं, वो भी टैक्स फ़्री. भारतीय पायलेट्स की सैलरी भी लगभग बराबर ही होती है पर वहां उनका वेतन कर मुक्त होने के कारण बहुत ही आकर्षक होता है.