हमारे देश में हर साल करीब 10 लाख़ लोग UPSC की परीक्षा में शामिल होते हैं. आप चाहे अमीर घर से आते हों या फिर आर्थिक रूप से कमज़ोर हों, IAS बनने का ख़्वाब हर कोई देख सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस परीक्षा में पास होने के लिए पैसा नहीं, लगन, परिश्रम और देश-प्रेम लगता है. 

पर करप्शन भी हमारे देश की कड़वी सच्चाई है. ऐसे कई मामले सामने आये हैं जब बड़े-बड़े IAS अधिकारियों ने बड़े-बड़े घोटाले किये हैं. इसमें न ही देश का भला होता है, न ही जनता का. 

जानते हैं ऐसे कौन-कौन से IAS अधिकारी हुए हैं, जिनके ख़िलाफ़ करप्शन और बेईमानी के मामले दर्ज हैं:        

S. Malaichamy

1971 बैच के IAS ऑफिसर रहे S. Malaichamy को दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 साल की जेल और 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. उन पर आय से अधिक संपत्ति होने का आरोप लगा था. सीबीआई ने करीब 1.3 करोड़ की अवैध संपत्ति S. Malaichamy के पास से बरामद की थी. अपने कार्यकाल में S. Malaichamy खादी ग्राम उद्योग के MD और Delhi Electoral Officer भी रहे थे.

S. Malaichamy
Source: Indiatoday

नीतिश जनारदन ठाकुर

साल 2012 में एंटी करप्शन ब्यूरो ने IAS नीतिश जनारदन ठाकुर के मुंबई वाले घर पर छापा मारा था, जहां से उन्हें करीब 200 करोड़ की अवैध संपत्ति और कैश मिला था. इतना ही नहीं उनके पास लैंड रोवर, BMW जैसी 10 से ज़्यादा लग्ज़री कार्स भी थीं. मुंबई अलीबाग के कलेक्टर पद पर होते हुए IAS नीतिश ने कई ज़मीनों को अवैध रूप से लोगों को दिया था. इस मामले के सामने आने के बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था.

Nitish janardan thakur
Source: Star

अरविंद जोशी, टीनू जोशी

पति और पत्नी की इस IAS जोड़ी ने भी देश को को चूना लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. इनके पास से करोड़ों की अवैध संपत्ति मिली थी. इस जोड़ी की खास बात ये थी कि दोनों का जन्म एक ही साल में हुआ था. दोनों ने MBA की पढ़ाई साथ की, साथ ही UPSC की परीक्षा भी एक ही साल में पास कर के एक ही कैडर में पोस्टिंग भी ले ली. अभी ये दोनों तिहाड़ जेल में अपने किए की सज़ा काट रहे हैं.

Arvind Joshi and toni Joshi
Source: Tribuneindia

नीरा यादव

साल 1971 में IAS की परीक्षा पास कर अपने होम कैडर यानि उत्तर प्रदेश में नीरा की पोस्टिंग हुई, जिसके बाद उन्होंने नोएडा की कई एकड़ ज़मीन को पॉलिटिशियन और पैसे वाले उद्योगपतियों को बेच डाला. इनका लालच यहीं नहीं रुका. नीरा ने इन ज़मीनों के बदले करोड़ों रुपयों की उगाही की. साल 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें इस मामले में दोषी पाया और 2 साल की सज़ा सुनाई. 

Neera yadav
Source: TOI

बाबूलाल अग्रवाल

1998 बैच के इस IAS ऑफ़िसर ने तो बेईमानी की सारी हदें तोड़ दी थी. साल 2010 में जब इनके फ़्रॉड की जांच हुई तो पता चला कि IAS बाबूलाल के पास 500 करोड़ से ज़्यादा की अवैध संपत्ति है. इतना ही नहीं इनके पास अलग-अलग बैंक्स में 446 बेनामी खाते थे, जिसमें 40 करोड़ कैश था. इनकी 11 ऐसी कंपनी भी थीं, जिनका इस्तेमाल बाबूलाल हवाला का काम करने के लिए किया करते थे.

Babulal
Source: Munaadi

टी.ओ.सूरज

टी.ओ.सूरज देश के एक सीनियर IAS ऑफ़िसर्स में आते थे. लेकिन 2003 में केरल में हुए Riots में इनका हाथ मिलने के बाद, जब जांच करने वाली टीम ने इनके घर पर रेड मारी तो सब के होश उड़ गए. उस टीम को 20 लाख रुपये कैश, करोड़ों की अवैध संपत्ति के कागज़, केरल में करीब 10 लग्ज़री घर, दुबई में एक लग्ज़री बंगला और कई बेनामी खातों के कागज़ात मिले. इतना ही नहीं केरल की कई एकड़ सरकारी ज़मीन को बेचने के मामले में भी इनका हाथ पाया गया था.


T.O.Suraj
Source: NIE

राकेश बहादुर

UP सरकार ने ज़मीन आवंटन मामले में UP कैडर के इस सीनियर IAS ऑफ़िसर को 4 हज़ार करोड़ का घपला करने के मामले में समन किया था. साथ ही इनके पास कई सौ करोड़ की अवैध संपत्ति भी पाई गई थी. इस कारण इन्हें सस्पेड भी कर दिया गया था. लेकिन सरकार बदलते ही इन पर से करप्शन के सारे आरोप हटा लिए गए थे और नयी सरकार के करीबी होने के कारण इन्हें नोएडा डवलपिंग ऑथरिटी का चैयरमैन भी बना दिया गया. नोएडा डवलपिंग ऑथरिटी के अंदर ही इन पर घोटाले का आरोप था.

Rakesh Bahadur
Source: Star

सुभाष आहलुवालिया

हिमाचल प्रदेश कैडर के सीनियर IAS ऑफ़िसर सुभाष आहलुवालियाऔर उनकी पत्नी पर करपशन के आरोप लगे थे. सुभाष उस दौर में हिमाचल प्रदेश के मुख़्य मंत्री के प्रिंसिपल प्राइवेट सेक्रेटरी थे. इनके पास से करोड़ों की अवैध संपत्ति मिली थी, जिसके बाद इन्हें अपनी पोस्ट से सस्पेंड कर दिया गया. साथ ही इनकी संपत्ति को ज़ब्त भी कर लिया गया था. लेकिन सरकार बदलते ही इनके ऊपर से सारे चार्ज बिना जांच पूरी हुए हटा लिए गए और इन्हें इनकी पोस्ट भी वापस दे दी गई थी.

Subhash Aluwaliya

राकेश कुमार जैन

साल 2010 में राकेश कुमार जैन को 7.5 लाख रूपये की घूस लेते पकड़ा गया था. झारखंड में कॉमर्स डिपार्मेंट हेड पद पर नियुक्त जैन ने ज़मीन आवंटन में भी घूस ली थी. जिसके बाद IAS राकेश कुमार जैन को CBI कोर्ट ने इन मामलों में दोषी पाया और उन्हें सज़ा सुनाई गयी. 

Rakesh Kumar Jain
Source: Tribun

इन लोगों ने न सिर्फ़ देश का पैसा, बल्कि देश की गरिमा को भी ठेस पहुंचाई है. अगर आपको भी ऐसे Corrupt IAS ऑफ़िसर्स का नाम पता है तो हमें कमेंट बॉक्स में लिख कर बताएं.