आपने इंसानों और जानवरों के लिए अस्पताल और एंबुलेंस सेवा तो सुनी होगी. मगर कभी पेड़-पौधों के लिए ऐसी किसी सुविधा के बारे में सुना है? नहीं न. पर अब ये सेवा शुरू हो चुकी है. एक आईआरएस ऑफ़िसर रोहित मेहरा ने पंजाब के अमृतसर में इसकी शुरुआत की है. इसके तहत जो पेड़-पौधे सूखने और मुर्झाने लगेंगे, उनका यहां इलाज किया जाएगा.  

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ANI से अपने बात करते हुए मेहरा ने कहा, ‘हमने अलग-अलग तरह के उपचार के लिए विशेषज्ञों के साथ सहयोग किया है. पेड़-पौधों में भी जीवन होता है, इसे वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बसु पहले ही साबित कर चुके हैं.’  

मेहरा के इस प्रोजेक्ट को दुनिया का पहला ‘ट्री हॉस्पिटल’ बताया जा रहा है. जहां पेड़-पौधों के ट्रीटमेंट से लेकर ट्री ट्रांसप्लांट जैसी मुश्किल प्रक्रियाएं भी की जाएंगी. इसके साथ ही, पेड़ों को पुनर्जीवित करने के लिए ट्री एंबुलेंस में ऐसे विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है, जो पौधों की बीमारियों का इलाज कुशलता से करेगी. इस ट्री एंबुलेंस में आठ बोटनिस्ट और पांच साइंटिस्ट शामिल हैं.  

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जो भी लोग अपने पेड़-पौधों का इलाज चाहते हैं, उनके पास टीम जाकर पेड़-पौधों को जांचेगी. ये सेवा पूरे अमृतसर में उपलब्‍ध होगी. इसमें सभी चीज़ें फ्री होंगी. यानि कोई पैसा नहीं लगेगा.  

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बता दें, रोहित मेहरा पर्यावरण के लिए हमेशा से काम करते रहे हैं. उन्होंने 75 मानव निर्मित जंगल बनाए हैं. देशभर में उन्होंने पिछले तीन सालों में 2,000 वर्ग फुट से 66,000 वर्ग फीट के एरिया को मिनी जंगल में बदलने में सफ़लता हासिल की है. यही वजह है कि उन्हें ‘ग्रीन मैन’ के नाम से भी जाना जाता है.  

इसके अलावा, उन्हें 70 टन प्लास्टिक की बोतलों से Vertical Garden बनाने के लिए भी जाना जाता है. वो वायु प्रदूषण को कम करने के प्रयास के साथ ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक को रिसाइकल करने की भी कोशिश करते हैं.