मुंबई के जुहू स्थित इस्कॉन मंदिर में लोगों को हैंड सैनिटाइज़र के स्थान पर गौमूत्र दिया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक़, मंदिर के प्रबंधकों के पास जब सैनिटाइज़र ख़त्म हो गया तब गौमूत्र का इस्तेमाल किया जाने लगा.


Raju.P.Nair नामक ट्विटर यूज़र ने ये वाक्या ट्विटर पर शेयर किया.

'आज मेरा दोस्त मुझे अंधेरी के इस्कॉन मंदिर कम्प्लेक्स स्थित गोविंदा रेस्त्रां ले गया जहां मेरी सुरक्षा जांच हुई. जांच के बाद उन्होंने मुझे हाथ दिखाने को कहा और हाथ पर कुछ छिड़का जिसकी गंध अजीब थी. जब मैंने पूछा तो उन्होंने बताया वो गौमूत्र है.'

India Today से बात-चीत में इस्कॉन मंदिर, जुहू की पारिजाता देवी दासी ने बताया,

'कोरोना वायरस फैलने के बाद हम कई सावधानियां बरत रहे हैं. हमने मंदिर के प्रवेश द्वार और गोविंदा रेस्टोरेंट के प्रवेश द्वार पर हैंड सैनिटाइज़र रखे थे. रविवार को स्टॉक ख़त्म हो गया. रेस्टोरेंट के पास सैनिटाइज़र थे पर प्रवेश द्वार पर ख़त्म हो गये थे. सावधानियां बरतना ज़रूरी है. हमारे पास गोअर्क था जो गौमूत्र को उबालकर, उसमें से अतिरिक्त चीज़ें निकालकर बनता है. ये ऐन्टी-फ़ंगल, ऐन्टी-बैक्टिरियल है, बायो-इन्हैंसर ऐंटी-कैंसर एजेंट है. इसीलिए जब तक नये स्टॉक नहीं आ जाते हम डिस्टिल्ड गौमूत्र को बतौर हैंड सैनिटाइज़र इस्तेमाल करेंगे.'

पारिजाता ने ये भी जानकारी दी कि रविवार शाम तक सैनिटाइज़र आ गये थे और उन्हें तय जगहों पर रख दिया गया था. पारिजाता ने ये भी बताया कि उन्होंने किसी को गौमूत्र को बतौर हैंड सैनिटाइज़र इस्तेमाल करने पर मजबूर नही किया था.

ट्विटर की पूरे वाकये पर प्रतिक्रिया-