किसी भी अंजान शहर में ख़ुद के लिए घर या हॉस्टल तलाशना बहुत ही मुश्किल काम होता है. बात जब इंजीनियरिंग हब 'कोटा' की हो तो ये और भी बड़ी समस्या बन जाता है. ऐसा ही कुछ हुआ था OLE Rooms की स्थापना करने वाले देवेंद्र शर्मा के साथ. लेकिन उन्होंने उस घटना से एक सबक सीखा और OLE Rooms स्टार्टअप की शुरूआत कर दी.

जयपुर बेस्ड ये स्टार्टअप राजस्थान के कई बड़े शहरों में लोगों को हॉस्टल और किराये का घर तलाशने में मदद करता है, वो भी 199 रुपये प्रतिदिन न्यूनतम राशी पर. आइए जानते हैं अनोखे स्टार्टअप के बारे में...

ऐसे हुई शुरूआत

OLE Rooms
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2017 में देवेंद्र शर्मा अपने पिता के साथ इंजीनियरिंग करने के इरादे से कोटा शहर आए थे. यहां वो अपने पिता के साथ किराए के मकान की तलाश में निकले. मकान को तलाशते-तलाशते इनके पिता काफ़ी थक गए. बुज़ुर्ग होने के चलते उनका ब्लड प्रेशर हाई हो गया और वो बेहोश होकर गिर पड़े.

OLE Rooms
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देवेंद्र को उन्हें तुरंत हॉस्पिटल ले जाना पड़ा. इस घटना से सबक लेते हुए उन्होंने 2018 में OLE Rooms की शुरूआत की. इनकी वेबसाइट से आप कम से कम 199 रुपये प्रतिदिन के किराए पर पीजी, हॉस्टल कमरा बुक कर सकते हैं. शेयरिंग बेसिस पर भी रूम्स उपलब्ध हैं यहां.

बचता है टाइम और पैसा

OLE Rooms
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देवेंद्र का कहना है कि, हमारी वेबसाइट की मदद से लोग चुटकियों में अपने लिए रहने की जगह तलाश सकते हैं. इससे लोगों का टाइम भी बचेगा और पैसे भी. कमरे आप 1 दिन से लेकर 1 साल तक के लिए बुक कर सकते हैं वो भी बिना कोई ब्रोकरेज चार्ज के.

इन शहरों में भी है सर्विस

OLE Rooms
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जयपुर के सितापुर इलाक़े से OLE Rooms की शुरुआत हुई थी. तब उन्होंने एक हॉस्टल से टाइअप किया था. अब उनके पास 3000 से अधिक हॉस्टल, पीजी, और फ़लैट्स उपलब्ध हैं. जयपुर के अलावा इनकी सर्विस अब कोटा, बीकानेर, भरतपुर, अजमेर और सिकर में भी शुरू हो गई है. इनकी वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली, महाराष्ट्र और हरियाणा में भी इनकी सर्विस एवेलेबल है.

OYO, Zolostays, Zostel जैसी कंपनियों को दे रहा है टक्कर

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OLE Rooms अपने ही जैसी दूसरी कंपनियां जैसे OYO, Zolostays, Zostel और Hostelworld को कड़ी टक्कर दे रहा है. भविष्य में देवेंद्र देश के दूसरे बड़े शहरों में भी OLE Rooms की पहुंच बनाना चाहते हैं. इसके लिए इन्हें फ़ंड्स की आवश्यकता है, जिसके लिए इनवेस्टर्स की खोज जारी है. इस साल तक 15,000 प्रोपर्टीज़ से बिज़नेस करार करना इनका लक्ष्य है.