रविवार शाम को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में कुछ नक़ाबपोश घुस आये और छात्रों, शिक्षकों के साथ मार-पीट की. इन 'बाहरी लोगों' ने हॉस्टल में घुसकर तोड़-फोड़ भी की. इस हमले में काफी संख्या में स्टूडेंट्स को चोटें आईं. कुछ छात्र गंभीर चोटों की वजह से एम्स अस्पताल में भर्ती हुए. कुछ ही घंटों में पूरे सोशल मीडिया पर जेएनयू में हुए इस अटैक की तस्वीरें वायरल होने लगीं. इसके बाद से ही पूरे देशभर में इसके विरोध में प्रदर्शन हुए.


सोशल मीडिया पर लोगों ने अपने आप ही नक़ाबपोशों की पहचान शुरू कर दी. व्हाट्सऐप चैट्स के स्क्रीनशॉट्स शेयर किए जाने लगे.

जेएनयू की जॉइंट सेक्रेटरी ने स्वीकारी एबीवीपी के शामिल होने की बात


इस सब के बीच एक बहुत बड़ा ख़ुलासा हुआ. जेएनयू में एबीवीपी की जॉइंट सेक्रेट्री, अनिमा सोनकर ने नेशनल टेलिविज़न में ये स्वीकार कर लिया कि जेएनयू के वीडियो में दिखने वाले दो नक़ाबपोश एबीवीपी के ही हैं.

Times Now पर हो रही चर्चा में अनिमा ने कहा कि ये दोनों 'सेल्फ़ डिफ़ेंस में रॉड लेकर घूम रहे थे. '

'सारे व्हाट्सऐप ग्रुप्स पर हमें ग्रुप्स में या रॉड लेकर निकलने को कहा जा रहा था... जो भी मिले, पेपर स्प्रे, किसी ने कहा एसिड. मैंने एसिड अटैक यै वैसा कुछ न सुना न देखा है.'

Times Now की एंकर ने जब पूछा कि क्या वो मानती हैं कि वीडियो में दिखने वाले लोग एबीवीपी के हैं तो अनिमा ने ये भी स्वीकारा. '

हिन्दू राष्ट्र दल के पिंकी चौधरी का वीडियो


हिन्दू राष्ट्र दल के भूपेंद्र तोमर उर्फ़ पिंकी चौधरी ने ट्विटर पर एक वीडियो में जेएनयू हमले की ज़िम्मेदारी ली है. चौधरी का कहना था कि वे अन्य विश्वविद्यालयों में भी ऐसी घटनाओं को अंजाम देंगे.

पुलिस ने पिंकी चौधरी और नक़ाबपोशों पर कोई कार्रवाई नहीं की है.

Source: NDTV

जेएनयूएसयू की प्रेसिडेंट आईशी घोष पर FIR


रिपोर्ट्स के अनुसार, रविवार को जेएनयू में हुई घटना के कुछ ही देर बाद पुलिस ने जेएनयू स्टूडेंट्स यूनियन की प्रेसिडेंट, आईशी घोष पर FIR दर्ज कर ली थी. NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने आइशी घोष और कई अन्य लोगों पर बीते शनिवार को यूनिवर्सिटी के सर्वर रूम में तोड़-फोड़ करने और सिक्योरिटी गार्ड्स के साथ मार-पीट करने के आरोप में FIR दर्ज की है. ये FIR बीते रविवार को शाम 8:39 और 8:43 बजे लिखी गई, ठीक उसी वक़्त के आस-पास जब जेएनयू में नक़ाबपोश छात्रों को पीट रहे थे.

Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, जेएनयू से 100 नंबर पर पहला फ़ोन शाम के 4:57 बजे गया था पर पुलिस की तरफ़ से कोई मदद नहीं आई.