देश की राजधानी में महिलाओं के प्रति अपराध थमने का नाम नहीं ले रहे, उल्टे अपराधियों की हिम्मत बढ़ती जा रही है.


रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली की एक महिला पत्रकार के साथ ITO स्थित उसके दफ़्तर के बाहर अभद्रता की गई. एक अंजान व्यक्ति ने उसे अकेला पाकर अपना Penis दिखाया.

'शाम के 7:15 बजे. बाहर अंधेरा हो चुका था.

मैं दफ़्तर से बाहर निकली और बिल्डिंग की सीढ़ियों पर थी और तभी एक आदमी आकर मुझसे खाना मांगता है. वो काम-काज करने लायक दिख रहा था तो मैंने उसे नज़रअंदाज़ किया और चलने लगी.'

'मेरी गाड़ी 70-100 फ़ीट दूर पार्क्ड थी. मेरे दोनों हाथ हैंडबैग, लैपटॉप, डॉक्युमेंट्स से भरे हुए थे. मैंने ध्यान नहीं दिया कि वो आदमी मेरा पीछा कर रहा था.'

'क़िस्मत से मेरी गाड़ी की चाबियां मेरे हाथ में थी. मैंने गाड़ी खोली, पैसेंजर सीट पर सामान डाला और जैसे ही मैंने गाड़ी में बैठकर दरवाज़ा बंद किया, वो आदमी ड्राइवर सीट की खिड़की पर खड़ा था.'

'उसने ठकठकाना शुरू किया और कहने लगा कि मुझसे बात करने से पहले उसने काफ़ी सोचा और मुझे उसकी मदद करनी चाहिए. वो मुस्कुरा रहा था.'

'अब तक मेरे दिमाग़ में ख़तरे की घंटी बज चुकी थी पर मेरी गाड़ी Gear Locked थी जिस वजह से तुरंत इंजन स्टार्ट नहीं हो सकता था. जब तक मैंने Gear को Unlock किया और गाड़ी का इग्निशन चालू किया जब तक वो आदमी अपनी पैंट उतार चुका था और कुछ बड़बड़ा रहा था.'

'मेरी गाड़ी का Centralised Lock अभी Effect में नहीं आया था और वो ये सब ध्यान से देख रहा था. वो अपनी जेब से कुछ निकाल रहा था, मुस्कुराते हुए. पता नहीं कैसे मैंने टाइट पार्किंग स्पेस से तेज़ी से गाड़ी निकाली और वहां से निकलने में क़ामयाब रही.'

कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि मिर्ची स्प्रे या चाकू निकालने का भी वक़्त नहीं होता.


पत्रकार ने कुछ सेफ़्टी टिप्स भी दिए-

'मैं सिर्फ़ पहला ही इस्तेमाल कर पाई.'

'जान बचाकर भागो, गाड़ी की स्पीड बढ़ाकर जल्द से जल्द निकलो इससे पहले की तुम्हारी गाड़ी में कोई और घुसे.'

'ध्यान रहे तुम्हारे दोनों हाथ सामान से भरे न हो. खिड़की पर खड़े आदमी को धक्का देने की नौबत आ सकती है.'

'सबसे पहले गाड़ी स्टार्ट करो, Manually Centralised Lock करो और फिर Gear Lock खोलो.'

'मेरे मिर्ची स्प्रे मेरी दाहिनी तरफ़ था और मैं उस तक पहुंच नहीं पाई. ये Gear Box में होना चाहिए.'

'गाड़ी लगाते हुए याद रखिए कि दफ़्तर के पास होने के बावजूद हो सकता है कि लौटते वक़्त सिर्फ़ आप ही की गाड़ी लगी हो. आस-पास लोगों की मौजूदगी देखकर ही गाड़ी की तरफ़ बढ़ें.'

फ़ोन को Voice Assistant Mode पर On रखें. इससे ये होगा कि अगर आप बैग से फ़ोन न भी निकाल पाएं तो आप फ़ोन लगा सकते हैं.

ऊपरवाले से यही दुआ है कि तुम सुरक्षित रहो और उसका शुक्रिया हर शाम सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए.

अपना ज़्यादा ख़्याल रखें.