शुक्रवार की शाम को बेंगलुरु के इंदिरानगर में स्थित 'कराची बेकरी' के सामने इकट्ठा हुए ये 'सच्चे देशभक्त' विकेंड की ख़ुशी मनाने के लिए इकट्ठा नहीं, बेकरी का नाम बदलने के लिए खड़े हुए थे.


ख़ाने के शौकीनों को पता होगा कि कराची बेकरी क्या है और वहां की चीज़ें कितनी लज़ीज़ होती हैं.

इस ट्वीट के अनुसार, लोगों की संतुष्टि के लिए कर्मचारियों ने बोर्ड का आधा हिस्सा ढक दिया और भारत का झंडा भी लगाया.


रिपोर्ट्स के अनुसार 17 फरवरी से हैदराबाद की इस कंपनी के कई आउटलेट्स को धमकियों भरे फ़ोन आ रहे हैं. कर्मचारियों ने बताया कि कई संगठन इस कंपनी का नाम बदलने के लिए दबाव बना रहे हैं.

Scroll की रिपोर्ट के अनुसार, मैनेजर अनिल कुमार ने बताया,

हम वक़ीलों से बात कर रहे हैं कि इस मामले में क्या किया जा सकता है.

इस पूरी घटना पर ट्विटर आर्मी का रवैया:

एक शेर याद आ रहा है,

'क्या क्या मुग़ालते दिए दौर-ए-जदीद ने
नफ़रत को प्यार, प्यार को नफ़रत बना दिया'