भारत में शादी का मतलब, लाखों का ख़र्च, चकाचौंध और ताम-झाम. माना कि शादी ज़िन्दगी भर में एक ही बार होती है पर कुछ लोग शादी के नाम पर ख़र्च की अति की भी अति कर देते हैं.


राजनैतिक परिवार भी अपनी ज़रूरत से ज़्यादा ख़र्च वाली शादी के लिए जाने जाते हैं.

हालांकि कर्नाटक के तिरथाहल्ली के विधायक अरागा जनैंनेद्रा ने एक अलग मिसाल पेश की है.


The Hindu की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते गुरुवार को अरागा ने अपने बेटे अभिनंदन का 5 अन्य जोड़ों के साथ 'सामूहिक विवाह' करवाया.

ये शादियां, 'सामूहिक विवाह संचालन समिति' द्वारा करवाई गई. अरागा के शब्दों में,

कई बार खेती-बाड़ी करने वाले परिवारों को शादियों के लिए कर्ज़ लेना पड़ता है. शादियों में किए जाने वाले फ़िज़ूल ख़र्च पर कन्ट्रोल करना ज़रूरी है. जनता द्वारा चुने गए लीडर्स पर ऐसी मिसालें पेश करने का दारोमदार आता है.

अरागा ने ये भी बताया कि मेहमानों को सोशल मीडिया द्वारा ही आमंत्रित किया गया था.


विधायक अरागा के बेटे के विवाह में कर्नाटक बीजेपी प्रेसिडेंट, बी.एस.येदुरप्पा भी मौजूद थे.

आने वाले लोक सभा चुनाव को देखते हुए चुनाव आयुक्त भी इस शादी को मॉनिटर कर रहे थे.


अरागा ने 2017 में अपनी बेटी की शादी 'मंत्रा मांग्लय' तरीके से करवाई थी. मशहूर लेखक कोवेंम्पू इस तरह के विवाह के समर्थक थे. इस तरह के विवाह में दहेज या पंडितों का कोई स्थान नहीं रहता.