गुरुवार को पुलवामा में सीआरपीएफ़ के काफ़िले पर हुए फ़ियादीन हमले में पाक समर्थित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मुहम्मद का हाथ था. इस हमले के बाद से पूरे देश में आक्रोश का माहौल है.

इसी के साथ कुछ लोग इस आतंकी घटना को कश्मीरियों से जोड़कर उनका बायकॉट करने की बात कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर कई ऐसे फ़र्ज़ी पोस्ट शेयर कर कश्मीरियों के खिलाफ़ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है, जिनका इस मामले से कुछ लेना-देना नहीं है.

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देश में नफ़रत का माहौल बनाने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ़ और कश्मीरियों के साथ खड़ी है सीआरपीएफ. उसने अपने ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट कर एक टोल फ़्री नंबर जारी किया है. जहां पर देशभर में कश्मीरियों के साथ कुछ भी अप्रिय घटना होने पर तुरंत मदद मांगी जा सकती है.

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सीआरपीएफ़ ने ट्वीट करते हुए लिखा, 'कश्मीरी छात्र और दूसरे कश्मीरी जो इस समय देश के दूसरे हिस्सों में रह रहे हैं, वो उन्हें @CRPFmadadgaar पर संपर्क कर सकते हैं. साथ ही किसी भी प्रकार के उत्पीड़न और हिंसा की शिकायत वो 24*7 सीआरपीएफ़ के टोलफ़्री नंबर 14411 और 7082814411 पर एसएमएस के ज़रिये कर सकते हैं.'

तनाव के इस माहौल में नफ़रत फैलाने की मंशा को भी सीआरपीएफ़ ने एक एडवाइज़री जारी कर ख़त्म करने की सराहनीय पहल की है.

उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा, 'ऐसे देखा जा रहा है कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर शहीदों के क्षत-विक्षत शवों की नकली तस्वीरें शेयर कर देश में अशांति फैलाने का काम कर रहे हैं, जबकि हम देश में शांति का माहौल बनाए रखने के लिए तत्पर हैं. इसलिए आपसे अनुरोध है कि इस तरह की किसी भी पोस्ट/वीडियो को शेयर न करें. ऐसी किसी पोस्ट की सत्यता जानने के लिए आप [email protected] की मदद ले सकते हैं. साथ ही उनके खिलाफ़ शिकायत भी कर सकते हैं.'

सीआरपीएफ़ की इस नेक पहल को सोशल मीडिया पर काफ़ी सराहा जा रहा है. साथ ही लोग आगे बढ़कर इसमें उनकी मदद करने की भी बात कर रहे हैं. कुछ लोगों ने देश भर में रह रहे कश्मीरियों को धमकियां मिलने और असुरक्षित महसूस करने पर अपने घर में पनाह देने की भी पेशकश की है.

सीआरपीएफ़ जिसने इस आतंकी हमले में अपने 42 साथियों को खोया है, उसने अपना ग़म भुला कर मदद का हाथ आगे बढ़ाया है. ये सीआरपीएफ़ के काम के प्रति प्रतिबद्धता और देश प्रेम की भावना को दर्शाता है. देश की शांति को भंग करने की मंशा को रखने वालों को सीआरपीएफ़ ने बहुत ही अच्छा जवाब दिया है.

पुलवामा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने भी ट्वीट कर कश्मीरी छात्रों की हेल्प के लिए एक टोलफ़्री नंबर जारी किया था.


सीआरपीएफ़ की इस नेक पहल की जितनी भी तारीफ़ की जाए, कम है.