केरल के कोच्चि में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने अपने पिता की ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में पड़ी रद्दी चीज़ों से एक 'लाइट मोटरसाइकिल' बनाई है.  

टी जे हाशिम और हसीना का बेटा अरशद, कोच्चि के पलुरुथी के निवासी हैं. अरशद पलुरुथी के SDPY स्कूल में पढ़ने जाता है.  

अरशद ने डेढ़ महीने में कबाड़ को जोड़ इस मोटरसाइकिल को बनाया है.  

motorbike
Source: twitter

इस बाइक में, सीट और हैंडल से जुड़ा एक पेट्रोल टैंक है. इस पेट्रोल टैंक में एक लीटर तक पेट्रोल स्टोर हो सकता है. अरशद का दवा है की टैंक भरा होने पर बाइक 50 किलोमीटर तक का सफ़र कर सकती है.   

ख़राब पड़े टायर, LED लाइट्स, डिस्क ब्रेक्स और अन्य पड़ी हुई बाइक से लिया हैंडल और सीट से मिलाकर ये लाइट मोटरसाइकिल बनाई गई है. अरशद बताते हैं कि उन्हें इस बाइक को बनाने में लगभग 10,000 का ख़र्च आया है.  

ANI को अपने आविष्कार के बारे में बताते हुए अरशद बोले, "लॉकडाउन के दौरान जब मैंने अपने पिता के वर्कशॉप में एक लोहे की पाइप और बाइक का इंजन देखा था मैं तब एक बाइक बनाना चाहता था. पहले तो मेरे पिता ने मुझे डांटा था मगर आधा काम हो जाने पर उन्होंने भी मेरी मदद की और डेढ़ महीने में ये बन कर तैयार हो गई. ये अन्य बाइक्स के पुर्ज़ों से मिलाकर बनाई गई है. मैं आगे एक ट्रॉली बनाना चाहता हूं." 

अपने बेटे के इस आविष्कार से उनके पिता काफ़ी ख़ुश हैं. उन्हें अरशद पर न केवल गर्व है बल्कि वो कहते हैं कि आगे भी वो अरशद की इस तरह मदद करते रहेंगे. 

अरशद अपनी बाइक का रजिस्ट्रेशन करने के बारे में भी विचार कर रहा है.