बीते रविवार को केरल में 'गणतंत्र दिवस' के मौके पर सीएए के ख़िलाफ़ लोगों ने 620 किलोमीटर की मानव श्रृंखला बनाकर संविधान बचाने की शपथ ली. इस ख़ास मौके पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन भी शामिल रहे.

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इस दौरान माकपा की अगुवाई वाले सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ़) ने केरल के उत्तरी हिस्से से 620 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाकर संविधान बचाने की शपथ ली. इस मौके पर लाखों लोगों के साथ कुछ नए शादीशुदा जोड़े भी शामिल रहे.

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लेफ़्ट डेमोक्रेटक फ़्रंट (एलडीएफ़) ने उत्तरी केरल के कसारगोड से सुदूर दक्षिणतम हिस्से कालियाक्कविलाई तक मानव श्रृंखला बनायी. ये मानव श्रृंखला रविवार सुबह 4 बजे से बनानी शुरू की गयी थी, जिसके बाद संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गयी.

इस मौके पर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और भाकपा नेता कनम राजेंद्रन ने तिरूवनंतपुरम में इस प्रदर्शन में भाग लिया.

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लेफ़्ट डेमोक्रेटक फ़्रंट (एलडीएफ़) ने दावा किया कि, इस मानव श्रृंखला में करीब 60-70 लाख लोगों ने हिस्सा लिया. इस दौरान लोगों ने सीएए का विरोध कर देश के संविधान को बचाने की शपथ ली.

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केरल के उत्तरी कसारगोड़ में वरिष्ठ माकपा नेता एस. रामचंद्रन पिल्लै 620 लंबी इस मानव श्रृंखला के पहले शख़्स थे, जबकि दक्षिणी कालियाक्कविलाई में एम. ए. बेबी इस श्रृंखला के आख़िरी शख़्स. इस दौरान सिर्फ़ राजनेता और आम जन ही नहीं, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों की कई बड़ी हस्तियां भी इस मानव श्रृंखला से जुड़ीं.

जानकारी दे दें कि केरल विधानसभा ने सीएए को ख़त्म करने के लिए प्रस्ताव पारित किया है. ऐसा करने वाला केरल देश का पहला राज्य है. केरल ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है.