कोरोना से उपजी त्रासदी अलग-अलग तरीकों से लोगों को ज़िंदगी प्रभावित कर रही है. COVID-19 महामारी के बीच ही केरल ने नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत करने की घोषणा कर दी है मगर सब के लिए ये ख़ुशियां लेकर नहीं आया. केरल में सोमवार से वर्चुअल क्लास के ज़रिये नए सत्र की शुरुआत हुई थी.

केरल के मलप्पुरम में एक 14 वर्षीय ने छात्रा कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है और इसका कारण उसका ऑनलाइन क्लास का छूट जाना बताया जा रहा है. उसके माता-पिता का कहना है कि उनके पास न तो टीवी है और न ही स्मार्टफ़ोन, ऐसे में ऑनलाइन क्लास न कर पाने से वो बहुत दुखी थी.

लड़की सोमवार दोपहर से ही अपने घर से लापता थी. उसकी पूरी तरह से जल चुकी लाश कुछ समय बाद उसके घर के पास से ही बरामद हुई. पुलिस को उसकी लाश के पास से मिट्टी के तेल की एक ख़ाली बोतल भी मिली है. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या पाया गया है और एक सुसाइड नोट भी मिला है. लड़की की लाश को बाद में पोस्टमॉर्टम के लिए मंजेरी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया.

कक्षा 9वीं की छात्रा के स्कूल का कहना है कि वो पढ़ने में अच्छी थी. लड़की के माता-पिता का कहना है कि उनके पास छोटा सा टीवी था मगर वो पिछले तीन महीने से ठीक होने लिए दिया हुआ था. उसकी मरम्मत अब तक नहीं हो पायी थी क्योंकि उनके पास पिछले 3 महीने से लॉकडाउन की वजह से कोई काम नहीं था.

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 राज्य सरकार के शिक्षा मंत्री, सी रवींद्रनाथ ने इस मामले पर ज़िले के शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है. सोमवार को वर्चुअल क्लासेज़ का उद्घाटन करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री ने इसे क्रांतिकारी पहल बताया था. हालांकि, कई शिक्षाविद इससे पहले सरकार को चेतावनी दे चुके थे कि सभी बच्चों के पास इतनी सुविधाएं नहीं है.  

फ़िलहाल केरल के वायनाड से सांसद, राहुल गांधी ने उन सभी परिवारों की एक लिस्ट मंगवाई है जिनके पास टीवी या स्मार्टफ़ोन नहीं है. जिला कलेक्टर को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा कि सुविधा विहीन छात्रों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई दुष्कर हो सकती है. साथ ही उन्होंने कहा कि वो ऐसे छात्रों को ज़रूरी डिवाइस दिलाने में मदद करना चाहते हैं.

Source: India Today