धूमधाम से शादी करना हमारी परंपरा का एक हिस्सा बन गया है. मगर इसके इतर शादी का एक स्याह पहलू भी है जिसके बारे में उतनी बातें नहीं होती हैं. वो हैं - परिवार की मर्ज़ी के बिना शादी करने पर दंपति को मौत के घाट उतार देना. और इस काम को या तो घरवाले अंजाम देते हैं या ये हत्याएं उनकी मर्ज़ी से होते हैं. 

भारत के जिन राज्यों में साक्षरता दर ऊंची हैं, वहां भी यही हाल है. हमारी सामाजिक और नैतिक विचारधारा का सटीक वर्णन करने वाले ऐसे अपराधों की ख़बर आप आए दिन पढ़ते या सुनते होंगे.  

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इज्ज़त और शान के नाम पर क़त्ल करने की इस परंपरा के पीछे सदियों से चली आ रही जाति और धर्म की जकड़न है. शादी से जुड़ी इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए त्रिस्सूर, केरल के रहने वाले 31 वर्षीय मनु मनुष्यजाति (Manu Manushyajaathi) ने एक नई पहल की है. 

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जाति, धर्म और पितृसत्तात्मक मानदंडों से दूर सभी इंसानों को बराबर मानने वाले मनु मनुष्यजाति ने एक 'Secular Marriage Matrimony' बनाई है जहां वो अपने जाति और धर्म से बाहर शादी करने की चाह रखने वाले लोगों की मदद करते हैं. ये शादियां Special Marriage Act के तहत होती हैं.

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पेशे से गणित के शिक्षक, मनु ने 2014 में फ़ेसबुक पर 'परमातमीलाथा जीवविथंगल’ (बिना धर्म के जीवन) नामक पेज शुरू किया था, जहां वो अंतर-जाति, अंतर-धार्मिक और ट्रांस जोड़ों की कहानियों को साझा किया करते थे. लोगों ने इसको हाथो-हाथ लिया. जल्द ही उन्हें ऐसे लोगों के अनुरोध मिलने शुरू हो गए जो जाति-धर्म से ऊपर उठ कर अपना जीवनसाथी चुनना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने फ़ेसबुक पर Secular Marriage Matrimony पेज बनाया.

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इस पर जोड़ियां मिलाने से पहले लोगों के सोच-विचार की बाक़ायदा जांच-परख भी होती है. मनु इससे कोई आर्थिक लाभ नहीं ले रहे हैं. हालांकि वो ऐसी ही एक Matrimony वेबसाइट बनाना चाह रहें हैं.