न्यूज़ीलैंड में शुक्रवार को दो मस्जिदों में आतंकवादी हमले हुए, जिसमें 49 मासूमों की जान चली गई. मृतकों में बच्चे, औरतें, बूढ़े, जवान सभी शामिल थे.


आतंकवादी ने आव देखा न ताव और फ़ेसबुक लाइव करते हुए गोलियां दाग दी.

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इस हमले की दुनियाभर में निंदा हो रही है. अलग-अलग संप्रदायों के लोग एकजुट होकर पीड़ितों के साथ खड़े हो रहे हैं और हमले की निंदा कर रहे हैं.


ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री, Scott Morrison ने हमलावर के लिए ‘चरमपंथी, दक्षिणपंथी’ शब्दों का इस्तेमाल किया जिस पर बहुत से लोगों ने आपत्ति भी जताई.  

ऑस्ट्रेलिया के Senator, Fraser Anning भी हमले की निंदा कर रहे थे. प्रेस के सामने बात करते हुए Fraser ने कहा, 

इस तरह की हिंसा को कभी Justify नहीं किया जा सकता पर ये ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के लोगों में मुसलमानों के होने से पैदा होने वाले डर की तरफ़ भी इशारा करता है.

– Fraser Anning

Senator Anning ने ये भी कहा कि ये आतंकवादी हमला न्यूज़ीलैंड कि ग़लत ‘Immigration Policy’ का नतीजा है. न्यूज़ीलैंड की Immigration Policy के तहत वहां मुस्लिमों के बसने पर रोक-टोक नहीं है.


ये बातें एक 14-15 साल के लड़के को पसंद नहीं आई और उसने कुछ इस तरह विरोध जताया.  

Senator Anning अपना आपा खो बैठे और लड़के पर मुक्के बरसाए. 



कुछ लोगों ने लड़के को पकड़ कर ज़मीन पर पटक दिया और कुछ लोगों ने Senator Anning को अलग किया.  

लड़के के कारनाम को ट्विटर पर कई लोगों ने सराहा: 

बाद में एक ट्वीट से पुष्टि भी की गई कि लड़के पर बिना कोई चार्ज लगाए उसे छोड़ दिया गया है. 

एक लड़के तक को समझ में आ गया कि Senator ग़लत कह रहे हैं पर संसद का हिस्सा होकर भी Senator का ऊल-जलूल बातें करना अशोभनीय है.