कोल्हापुर नगर निगम (KMC) के कांग्रेस के डिप्टी मेयर संजय मोहिते (Sanjay Mohite) अपने इलाक़े में अलग तरह से काम करने के लिए जाने जाते हैं. पिछले पांच सालों से लगातार उन्होंने अपनी दिनचर्या नहीं बदली है. संजय रोज़ सुबह क़रीब 7 बजे अपने घर से साइकिल से निकलते हैं और पश्चिमी महाराष्ट्र के रॉयल शहर के छोटे साइक्स एक्सटेंसन वॉर्ड का दौरा शुरू करते हैं.

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इस क्षेत्र में 6,000 से अधिक लोग रहते हैं. पिछले पांच सालों से यहां के लोग उन्हें देख रहे हैं. सुबह जब संजय अपनी साइकिल से गुज़रते हैं तो अपने काम में लगे लोग उन्हें नमस्ते या गुड मॉर्निग के साथ उनका अभिवादन करते हैं. साथ ही अगर किसी इलाके में कोई समस्या हो तो भी लोग उन्हें बता देते हैं. 

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समस्या का तुरंत होता है समाधान

किसी भी समस्या का पता चलते ही संजय तुरंत ही उसका निवारण करते हैं. IANS को संजय बताते हैं, "मैं तुरंत KMC में संबंधित व्यक्तियों को बुलाता हूं, वो अपनी एक टीम भेजते हैं, जब तक वो लोग नहीं आ जाते मैं इंतज़ार करता हूं. मैं यह सुनिश्चित करता हूं कि काम जल्दी से जल्दी पूरा हो. कभी कभी इसमें ज़्यादा वक़्त लगता है तो मैं नियमित तौर पर अपडेट लेता रहता हूं, जब तक समस्या का निदान नहीं हो जाता."

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प्रेरणा कहां से मिली?

इस तरह लोगों के बीच जाना, उनकी समस्याओं को सुनना, उन्हें जानना और उनको हल करना वाक़ई क़ाबिल-ए-तारीफ़ है. ऐसा करने की प्रेरणा उन्हें कहां से मिलती है इस बात के बारे में बताते हुए संजय बताते हैं. "मैं 'जन-संपर्क' से जनता की सेवा के लिए महात्मा गांधी से प्रेरित हूं. गांधीजी जनता के बीच में रहते थे, काम करते थे और लोगों की परेशानी जान सकते थे. ये समस्यांए छोटी हो सकती हैं मगर लोग चुने हुए प्रतिनिधियों से तुरंत निवारण की उम्मीद करते हैं और लोकतंत्र में ये उनका अधिकार भी है."

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ऐसे जन प्रतिनिधियों की देश को सख़्त ज़रुरत है.